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- सत्र 2025–26 के प्रवेश आँकड़ों में 74,009 छात्राएँ; उच्च शिक्षा में सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत
गोरखपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) तथा उसके 355 संबद्ध महाविद्यालयों के सत्र 2025–26 के प्रवेश (Admission) आँकड़े उच्च शिक्षा में महिला सहभागिता के अभूतपूर्व विस्तार को दर्शाते हैं। गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर—तीनों जिलों में इस सत्र के प्रवेश आँकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि छात्राएँ अब उच्च शिक्षा में न केवल भाग ले रही हैं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
प्रवेश आँकड़ों का समग्र विश्लेषण
1. कुल प्रवेश संरचना (2025–26)
• कुल प्रवेश: 1,15,562
• कुल छात्राओं के प्रवेश: 74,009
• कुल छात्रों के प्रवेश: 41,553
➡प्रवेश आँकड़ों के अनुसार, प्रत्येक 100 नवप्रवेशित विद्यार्थियों में लगभग 64 छात्राएँ हैं। यह अनुपात पारंपरिक लैंगिक असंतुलन को तोड़ते हुए छात्रा-केंद्रित शैक्षणिक बदलाव को दर्शाता है।
2. जिला/परिसर-वार छात्राओं के प्रवेश का विश्लेषण
देवरिया – 25,609 छात्राओं का प्रवेश
• देवरिया जिले में इस सत्र सर्वाधिक छात्राओं ने प्रवेश लिया।
• यह संकेत करता है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि की बालिकाएँ भी अब उच्च शिक्षा को प्राथमिक विकल्प मान रही हैं।
• स्थानीय स्तर पर संबद्ध महाविद्यालयों की उपलब्धता और अभिभावकों का बढ़ता विश्वास इसके प्रमुख कारण हैं।
गोरखपुर – 23,859 छात्राओं का प्रवेश
• गोरखपुर जिला शैक्षणिक एवं प्रशासनिक केंद्र होने के कारण छात्राओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।
• प्रवेश आँकड़े दर्शाते हैं कि शहरी एवं अर्ध-शहरी छात्राएँ करियर-उन्मुख शिक्षा की ओर अग्रसर हैं।
कुशीनगर – 20,048 छात्राओं का प्रवेश
• सीमावर्ती एवं ग्रामीण जिला होने के बावजूद यह संख्या सामाजिक सोच में सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है।
• शिक्षा को अब सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है।
विश्वविद्यालय परिसर – 4,493 छात्राओं का प्रवेश
• विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के प्रवेश से यह स्पष्ट है कि उच्चस्तरीय, तकनीकी और शोधोन्मुख कार्यक्रमों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
3. संबद्ध महाविद्यालयों के नेटवर्क का प्रभाव
• कुल संबद्ध महाविद्यालय: 355
• गोरखपुर: 158
• देवरिया: 121
• कुशीनगर: 76
➡ यह विस्तृत नेटवर्क छात्राओं को घर के समीप सुरक्षित, किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराता है, जिससे प्रवेश में निरंतर वृद्धि संभव हुई।
4. पिछले तीन वर्षों के प्रवेश आँकड़ों की प्रवृत्ति
• 2023–24: 62,840 छात्राओं का प्रवेश
• 2024–25: 68,029 छात्राओं का प्रवेश
• 2025–26: 74,009 छात्राओं का प्रवेश
तीन वर्षों में लगभग 11,000 से अधिक छात्राओं की शुद्ध वृद्धि यह सिद्ध करती है कि यह वृद्धि आकस्मिक नहीं, बल्कि नीतिगत और संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है।
5. छात्राओं के प्रवेश में वृद्धि के प्रमुख कारण (डेटा-आधारित विश्लेषण)
• छात्राएँ आगे आ रही हैं – सामाजिक सोच में बदलाव
• सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण – महिला प्रकोष्ठ, सीसीटीवी, अनुशासन
• NAAC A++ एवं बेहतर रैंकिंग – संस्थागत विश्वास
• समयबद्ध प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा और परिणाम
• डिजिटल व्यवस्थाएँ – समर्थ पोर्टल, सुधार पोर्टल
• रोज़गार-उन्मुख एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम
डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि “सत्र 2025–26 के प्रवेश आँकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं उसके संबद्ध महाविद्यालयों में छात्राएँ बड़े आत्मविश्वास के साथ प्रवेश ले रही हैं। यह हमारी सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और छात्रा-केंद्रित शैक्षणिक नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। हमारा लक्ष्य छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व, कौशल और आत्मनिर्भरता के लिए भी तैयार करना है।”
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय