Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जयपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि उनकी जीत, जीत में नहीं, बल्कि हार में है। हार ने उनकी किस्मत लिखी है। उन्होंने कहा कि हार या जीत को महिला से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, यह लैंगिक समानता का विषय है। उन्होंने अपना जीवन सार्वजनिक भलाई के लिए समर्पित किया है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री सोमवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के दूसरे दिन 'लीडरशिप बियॉण्ड लेबल्स: वीमन, पावर एंड पब्लिक सर्विस' सत्र में बोल रही थीं। ईरानी ने महिला नेतृत्व, सामाजिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी, दृढ़ता और अनुशासन जैसे विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महिलाएं तकनीक, नीति, स्टार्टअप और सार्वजनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने अपने जीवन की यात्रा पर खुलकर चर्चा करते हुए बताया कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रवेश किया और जीवन भर मल्टीटास्किंग की क्षमता विकसित की। उन्होंने चुनाव हारने के अनुभवों पर भी ईमानदारी से चिंतन किया और बताया कि इनसे उन्हें क्या सीख मिली।
सत्र में ईरानी ने भारत में महिला उद्यमियों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों पर भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि 9 करोड़ स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नए भारत की उजली तस्वीर दिखा रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों का उद्देश्य एक लाख महिलाओं को सशक्त बनाना, 300 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और 100 मिलियन डॉलर से अधिक का फंड बनाना है। ये पहलें महिलाओं के उद्यमिता इकोसिस्टम को मजबूत करने, अवसरों, पूंजी और मेंटरशिप तक पहुंच सुनिश्चित करने की लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर अपने विचार रखते हुए कहा कि एआई एजेंट्स में इस तरह का डेटा भी ट्रेनिंग के लिए होना चाहिए, जो महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए उनके सर्वांगीण विकास को समानता के साथ आगे ले जा सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संदीप