Enter your Email Address to subscribe to our newsletters


- प्रत्येक घर में ओ.आर.एस. के 10 पैकेट एवं जिंक की 30 टेबलेट वितरित, 450 से अधिक बोरिंग का हुआ क्लोरीनेशन
इंदौर, 06 जनवरी (हि.स.)। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 17 मौतों के बाद जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों से सुधार नजर आने लगा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्र में सघन दौरा किया। भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. चंद्रशेखर गेदाम तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने आज कोबो टूल का प्रयोग किया गया। इस टूल के माध्यम से किसी भी स्थिति का रियल टाइम में जानकारी प्राप्त की जाती है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार भागीरथपुरा क्षेत्र में 05 एम्बुलेंस लगाई गई हैं। 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। प्रभावितों को एम. व्हाय. चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहां पर भी निःशुल्क उपचार, जांच एवं औषधि हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा निर्देशित किया गया है। प्रशासन और नगर निगम द्वारा भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्रों में नर्मदा तथा बोरिंग पाइप लाइनों के लीकेज आदि का सुधार कार्य करवाया गया। वर्तमान में जिस टंकी से क्षेत्र में पानी का वितरण किया जा रहा है, उससे सुपरक्लोरिनेट (2 PPM से अधिक) कर वितरण किया जा रहा है। साथ ही पाइप लाइन की फ्लशिंग का कार्य भी किया जा रहा है।
इसके अलावा उपभोक्ताओं के यहां किए जा रहे नर्मदा जलापूर्ति की रेशिड्यूल क्लोरिन भी चेक की जा रही है। प्रशासन द्वारा नगर निगम के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही क्लोरिनेशन का कार्य लगभग 450 प्रायवेट बोरवेल का भी क्लोरिनेशन कराया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र के सभी ड्रेनेज चेम्बर, बेकलेन आदि की सफाई करायी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि मंगलवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में विस्तृत सर्वे कार्य पूर्ण हो गया। सर्वे में लगभग 61 टीमें बनाई गई थी। प्रत्येक टीम ने घरों में कोबो टूल के माध्यम से रियल टाईम सर्वे किया। इसके तहत सर्वे टीम ने भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक घर में ओ.आर.एस. के 10 पैकेट एवं जिंक की 30 टेबलेट वितरित की। इसके साथ-साथ ही एक क्लिनवेट ड्राप भी वितरित किए गए।
डॉ. हासानी ने बताया कि सर्वे टीम द्वारा नागरिकों को क्लिनवेट के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। बताया कि 10 लीटर पानी में क्लिनवेट की 10 बूंदें डालकर उसे एक घंटा रखने के बाद उपयोग करें। इस प्रक्रिया से पानी शुद्ध होता है। सर्वे टीम द्वारा नागरिकों को स्वास्थ्य परामर्श, टोल-फ्री नं. 940-650-5508 की जानकारी भी दी गई। साथ ही दवाई का डोज पूरा करने का संदेश, पानी को उबालकर पीने की सलाह, संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों का चिन्हांकन, हाथ धोने की विधि का प्रदर्शन भी बताया गया। टीम द्वारा अस्पताल से स्वस्थ होकर घर आ गए व्यक्तियों के फॉलोअप की जानकारी ली गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हासानी ने बताया कि टीमों ने भागीरथपुरा क्षेत्र में घर-घर दौरा किया। इस टीम में नर्सिंग ऑफिसर, सी.एच.ओ., आशा एवं ए.एन.एम. आदि सम्मिलित थे। गत दिवस और आज टीमों ने कुल 5013 घरों तक पहुंच बनायीं, जिसमें लगभग 24 हजार 786 लोगों को किट वितरण की गई। साथ ही आई.ई.सी. गतिविधि एवं परामर्श दिया। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र में आमजन को क्लोरीनेटेड पानी उपलब्ध करवाना ताकि वे रोगाणु मुक्त जल का उपयोग कर स्वास्थ्य लाभ कर सकें। इस सर्वे के दौरान राज्य सर्विलेंस दल भी उपस्थित था।
डॉ. हासानी ने बताया कि वर्तमान में कुल 99 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिनका उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में आईसीयू में 16 मरीज भर्ती है।
कलेक्टर ने क्षेत्र का भ्रमण कर लिया स्थिति का जायजा, रिंग सर्वे, लाइन लीकेज सुधार कार्य जारीकलेक्टर शिवम वर्मा एवं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मंगलवार को भागीरथपुरा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वर्मा ने बताया कि रिंग सर्वे के तहत क्षेत्र में निरंतर कार्रवाई जारी है। प्रभावित क्षेत्रों से नियमित सैंपल कलेक्शन कर उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। नागरिकों को पानी उबालकर एवं छानकर पीने के लिए लगातार समझाइश दी जा रही है। साथ ही, क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से सतत स्वच्छ जल वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रभावित नागरिकों का समुचित उपचार नि:शुल्क किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें समन्वय के साथ लगातार सक्रिय हैं। निरीक्षण के दौरान पेयजल टैंकरों से हो रहे जल वितरण का अवलोकन किया गया तथा लाइन लीकेज सुधार कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। नगर निगम द्वारा गठित 32 बीटों के माध्यम से भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक हिस्से में दूषित जल पर नियंत्रण, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति तथा व्यापक सफाई अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
----------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर