रवांल्टी भाषा का पहला शब्दकोश प्रकाशित
उत्तरकाशी, 05 जनवरी (हि.स.)। रवांल्टी भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पहला हिन्दी–रवांल्टी–अंग्रेजी शब्दकोश हाल ही में प्रकाशित हुआ है। इस शब्दकोश का निर्माण साहित्यकार दिनेश रावत ने किया है और प्राक्कथन
शब्दकोश से रवांल्टा बोली को मिलेगा बढ़ावा


उत्तरकाशी, 05 जनवरी (हि.स.)। रवांल्टी भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पहला हिन्दी–रवांल्टी–अंग्रेजी शब्दकोश हाल ही में प्रकाशित हुआ है। इस शब्दकोश का निर्माण साहित्यकार दिनेश रावत ने किया है और प्राक्कथन प्रख्यात लोकभाषा प्रेमी डॉ. चरण सिंह केदारखण्डी ने लिखा है।

शब्दकोश का लोकार्पण रवांई क्षेत्र के नौगांव में आयोजित रवांई लोक महोत्सव–2025 के दौरान सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रतिष्ठित साहित्यकार महावीर रवांल्टा, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीपक बिजल्वाण, विशिष्ट अतिथि डॉ. स्वराज विद्वान (पूर्व सदस्य, अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार) तथा महोत्सव के द्वितीय दिवस के अध्यक्ष सुखदेव रावत (सदस्य, जिला पंचायत, उत्तरकाशी) प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर सिंह रवांल्टा के कर-कमलों से इस शब्दकोश का लोकार्पण किया गया।

यह शब्दकोश हिन्दी वर्णमाला के अनुसार अ से ह तक शब्दों को उनके रवांल्टी एवं अंग्रेजी अर्थों सहित प्रस्तुत करता है। इसके परिशिष्ट में स्वाद, गंध, स्पर्श, रंग, कृषि एवं घरेलू उपकरण, घर–मकान, नाते–रिश्ते, शारीरिक व्याधियाँ तथा सामाजिक और सांस्कृतिक शब्दावली को अर्थ सहित संकलित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि दिनेश रावत इससे पूर्व भी रवांई क्षेत्र की लोकसंस्कृति, देवगाथाओं से 'रवांई के देवालय एवं देवगाथाएं', 'रवांई क्षेत्र के लोक देवता एवं लोकोत्सव' और कविता से संबंधित 'माटी', 'तेरे जाने के बाद', 'पहाड़ बनते पहाड़' तथा 'का न हन्दू' (रवांल्टी कविता संग्रह) जैसी महत्वपूर्ण कृतियाँ प्रकाशित कर चुकीं हैं तथा शिक्षा विभाग एवं एससीईआरटी उत्तराखण्ड के भाषा-संरक्षण, पाठ्य-पुस्तक तथा शिक्षक प्रशिक्षण साहित्य निर्माण संबंधी कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। 'हमारी विरासत एवं विभूतियां ' लोक भाषा शब्दकोश तथा लोक भाषा पाठ्य पुस्तक निर्माण एवं संपादन समिति के आप सक्रिय सदस्य रहे हैं। यह शब्दकोश रवांल्टी भाषा के संरक्षण और अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ माना जा रहा है।

लोकार्पण समारोह में रवांल्टी कवि ध्यान सिंह ,प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’, पांचजन्य के आर्ट डायरेक्टर शशिमोहन रावत ‘रवांल्टा’, केशव रावत, अनोज रावत ‘बनाली’, राजुली बत्रा और अनुरूपा ‘अनुश्री’ सहित बड़ी संख्या में भाषा एवं लोक-संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल