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अररिया 05 जनवरी(हि.स.)।
समाहरणालय स्थित परमान सभागार में डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में सोमवार को समन्वय सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का क्रमवार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान सामाजिक सुरक्षा, एलएसबीए, प्रधानमंत्री आवास योजना,जिला बाल संरक्षण इकाई,मनरेगा, आईसीडीएस,कृषि विभाग, सांख्यिकी,पंचायत राज, योजना, कल्याण, स्वास्थ्य, सहकारिता, डीआरसीसी, आपूर्ति एवं राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
एलएसबीए के अंतर्गत शेष बचे डब्ल्यूपीयू निर्माण कार्य की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगली बैठक तक जिला समन्वयक (स्वच्छता) अंचल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक भूमि चिन्हित करना सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
आईसीडीएस की समीक्षा के दौरान डीपीओ, आईसीडीएस को एचसीएम की उपलब्धता शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी अंचल अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने एवं चिन्हित भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र यथाशीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पंचायत राज विभाग की समीक्षा के क्रम में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने, विवादित एवं अतिक्रमित भूमि को खाली कराने के लिए स्थानीय स्तर पर पहल करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
योजना कार्यालय अंतर्गत नीति आयोग, सीमा क्षेत्र विकास योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान कुछ नई योजनाओं के लिए आरसीडी से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में सामुदायिक भवन सह वर्कशेड निर्माण हेतु निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सभी बीडब्ल्यूओ को अंचल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया गया।
सहकारिता विभाग की समीक्षा में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप धान अधिप्राप्ति कार्य संतोषजनक पाया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा जिला सहकारिता पदाधिकारी को सभी पैक्स का स्टॉक सत्यापन कार्य सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
डीआरसीसी की समीक्षा के क्रम में स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत प्रबंधक, डीआरसीसी को सभी प्रधानाचार्यों,प्राचार्यों से समन्वय स्थापित कर आवेदन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया, जिसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी से आवश्यक सहयोग प्राप्त करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उठाव एवं वितरण की भी समीक्षा की गई।
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंड अंतर्गत आवास सहायकों, किसान सलाहकारों, पंचायत सचिवों, लेखापालों, तकनीकी सहायकों, विकास मित्रों सहित सभी पंचायत स्तरीय कर्मियों की कार्य गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सभी अंचल अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आय प्रमाण पत्र, परिमार्जन, म्यूटेशन आदि आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ-साथ फॉर्मर रजिस्ट्रेशन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत सरकार भवन, सामुदायिक भवन एवं विभिन्न विद्यालयों के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया गया।
इसके पूर्व जिला पदाधिकारी द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को महाअभियान के अंतर्गत फॉर्मर रजिस्ट्रेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला कृषि पदाधिकारी को प्रतिदिन किसानों की सूची किसान सलाहकारों के माध्यम से संबंधित राजस्व कर्मियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर