एसआईआर सुनवाई में शामिल होने पहुंचे बुजुर्ग के सिर में लगी चोट, तारकेश्वर में हंगामा
हुगली, 04 जनवरी (हि. स.)। हुगली जिले के तारकेश्वर स्थित बीडीओ कार्यालय के एसआईआर सुनवाई केंद्र में रविवार को एसआईआर की सुनवाई में शामिल होने पहुंचे एक बुजुर्ग व्यक्ति गिरकर घायल हो गए। इस घटना के बाद बीडीओ कार्यालय के सामने तृणमूल कांग्रेस के नेता-
घायल बुजुर्ग


हुगली, 04 जनवरी (हि. स.)। हुगली जिले के तारकेश्वर स्थित बीडीओ कार्यालय के एसआईआर सुनवाई केंद्र में रविवार को एसआईआर की सुनवाई में शामिल होने पहुंचे एक बुजुर्ग व्यक्ति गिरकर घायल हो गए। इस घटना के बाद बीडीओ कार्यालय के सामने तृणमूल कांग्रेस के नेता-कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

दरअसल, तारकेश्वर नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 के निवासी भरतचंद्र सामंत और उनकी पत्नी चित्रलेखा सामंत को एसआईआर सुनवाई के लिए नोटिस मिला था। अस्वस्थ भरतचंद्र अपनी पत्नी के साथ टोटो से सुनवाई केंद्र जा रहे थे। जैसे ही टोटो बीडीओ कार्यालय के सामने रुका, तीन पहिया वाहन से उतरते समय भरतचंद्र गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। बीडीओ कार्यालय और पुलिस की मदद से घायल बुजुर्ग को तत्काल तारकेश्वर ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इसी बीच बीडीओ कार्यालय के सामने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

तृणमूल नेताओं का सवाल है कि चुनाव आयोग द्वारा यह घोषणा किए जाने के बावजूद कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की घर पर ही सुनवाई की जाएगी, फिर ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। पार्टी का दावा है कि रोज़ किसी न किसी इलाके से बुजुर्गों को परेशान किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

तृणमूल के एक नेता ने कहा, जब आयोग ने साफ कहा है कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की घर जाकर सुनवाई होगी, तो तारकेश्वर में तस्वीर क्यों नहीं बदली? इस बुजुर्ग की हालत की जिम्मेदारी कौन लेगा?

इस मामले पर बीडीओ सीमा चंद्रा ने सफाई देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए ही सुनवाई की जा रही है। बीएलओ द्वारा जानकारी दिए जाने पर ही बुजुर्गों के मामले में घर जाकर सुनवाई की व्यवस्था की जाती है।

घटना के बाद प्रशासन की ओर से सक्रियता देखी जा रही है। इलाके में माइकिंग कर यह घोषणा की जा रही है कि जिन बुजुर्गों या अस्वस्थ लोगों को नोटिस मिला है, उनकी घर पर ही सुनवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय