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जोधपुर, 04 जनवरी (हि.स.)। आज के रीडर ही कल के लीडर बनेंगे, इसलिए जब भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें तो बारीकी से पढ़े, किसी भी टॉपिक का विस्तृत अध्ययन करें। ये विचार राजस्थान लोक सेवा आयोग, आरपीएससी के सचिव रामनिवास मेहता ने व्यक्त किए। मेहता कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में आयोजित मोटिवेशनल सेमिनार के प्रमुख वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
आयोग सचिव ने विद्यार्थियों को आरपीएससी के सभी भर्ती नियम सहित आने वाली भर्तियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में आरपीएससी पारदर्शिता के मामले में राष्ट्र के सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं की ओर अग्रसर है। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग एवं कृषि से सम्बद्ध आयोग द्वारा करवाई जाने वाली सभी भर्तियों की परीक्षा पद्धति, सिलेबस एवं योग्यताओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने राजस्थान एग्रीकल्चर सर्विस रूल्स 1960 क़े बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी भर्ती में आवेदन करते समय विस्तृत विज्ञप्ति को विस्तार से पढऩा अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली हर समस्या का डट कर मुकाबला करें। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों क़े सभी प्रश्नों क़े उत्तर देते हुए आयोग को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव भी लिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो डॉ वीएस जैतावत ने की। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय निदेशक, अनुसंधान डॉ. एमएल मेहरिया एवं डॉ बीआरसी कृषि अनुसंधान केंद्र की टीम की ओर से तैयार मसाला उत्पादक किसानों को समर्पित मसाला कृषि पंचांग का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में निदेशक, अनुसंधान, डॉ एमएम सुंदरिया ने आभार जताया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश