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सीतापुर, 04 जनवरी (हि.स.)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलापुर में आयोजित जन आरोग्य मेले में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। रविवार को आयोजित इस मेले में करीब 40 मरीजों का इलाज किया गया, लेकिन इलाज से ज्यादा चिंता का विषय यह रहा कि दवाएं फार्मासिस्ट की जगह अस्पताल का स्वीपर बांटता पाया गया। डा. नीरज लता ने बताया कि मेले में आने वाले अधिकांश मरीज सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे थे, जिन्हें दवाएं वितरित की जा रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फार्मासिस्ट जयवंश सिंह मौके पर मौजूद नहीं थे और उनकी जगह स्वीपर विकास कुमार मरीजों को दवाएं थमा रहा था। यह स्थिति किसी भी बड़ी अनहोनी को दावत दे सकती थी। हैरानी की बात यह रही कि उस समय स्टाफ नर्स काजल गौतम और निधि मिश्रा मौके पर मौजूद थीं, इसके बावजूद इस गंभीर लापरवाही पर किसी ने रोक लगाने की जरूरत नहीं समझी।
स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभाग में इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली न केवल मरीजों की जान से खिलवाड़ है, बल्कि शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना भी है। जन आरोग्य मेले का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना होता है, लेकिन कमलापुर पीएचसी में यह आयोजन महज औपचारिकता बनकर रह गया। क्षेत्रीय लोगों ने मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक लापरवाही दोबारा न हो।
वहीं इस मामले पर जन आरोग्य मेले के नोडल प्रभारी डॉ नीरज गोयल से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनकी तरफ से फोन कई बार काट दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Mahesh Sharma