पेड़ सुरक्षा कानून की मांग को लेकर 2 फरवरी को महापड़ाव, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बीकानेर, 04 जनवरी (हि.स.)। पेड़ सुरक्षा कानून लागू करने और अरावली संरक्षण की मांग को लेकर आगामी 2 फरवरी को महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में जोधपुर से आए पर्यावरण कार्यकर्ता परताराम बिश्नोई ने दी। उन
बिश्नोई समाज ने लिया संकल्प, अब नहीं कटने देंगे खेजडी : 2 फरवरी को बीकानेर में होगा महापड़ाव


बीकानेर, 04 जनवरी (हि.स.)। पेड़ सुरक्षा कानून लागू करने और अरावली संरक्षण की मांग को लेकर आगामी 2 फरवरी को महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में जोधपुर से आए पर्यावरण कार्यकर्ता परताराम बिश्नोई ने दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां अपना रही है। अरावली पर्वतमाला को नष्ट करने के आदेश किए गए हैं और सोलर कंपनियों के माध्यम से राजस्थान को वृक्षविहीन बनाने की योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसे बिश्नोई समाज किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि इस क्रम में सोमवार को पूरे प्रदेश में प्रत्येक तहसील और जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

परताराम बिश्नोई ने बताया कि 7 जनवरी को साधु-संतों के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पर्यावरण प्रेमी और संत समाज गांव-गांव जाकर जनसंपर्क करेंगे तथा सभी धर्मों और वर्गों के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करेंगे।

स्वामी भगवानदास शास्त्री ने कहा कि राजस्थान में अंधाधुंध पेड़ कटाई, प्रकृति विनाश और अरावली को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इन मुद्दों को लेकर आंदोलन के माध्यम से पेड़ सुरक्षा कानून बनाने की मांग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पेड़ सुरक्षा कानून बनाकर खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, तब तक महापड़ाव जारी रहेगा। इसके बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।

स्वामी रामपाल ने सभी को एकजुट रहकर खेजड़ी के संरक्षण के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प दिलाया। पत्रकार वार्ता में रामगोपाल बिश्नोई, सुभाष भांभू खारा, रिछपाल फौजी, विजयपाल डेलू, रामनिवास पुनिया, सहीराम पुनिया, ओ.पी. खीचड़, हनुमानराम बेनीवाल, महीराम दिलोइया, शिवजी खीचड़, सुभाष धायल, अशोक गोदारा कानासर, राजेश गोदारा कानासर और भोमाराम भादू सहित अन्य लोगों ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव