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कांग्रेसी नेताओं को अस्पताल जाने से रोका, पीडि़ता की बहन ने की अस्पताल बदलने की मांग
फरीदाबाद, 03 जनवरी (हि.स.)। लिफ्ट देकर महिला से चलती वैन में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस आरोपितों की शिनाख्त परेड कराएगी। इसके लिए आरोपितों को बिना रिमांड लिए जेल भेजा गया है। दूसरी तरफ पीडि़ता की हालत में भी अब सुधार है। स्वस्थ होने पर उसे नीमका जेल ले जाकर आरोपितों की शिनाख्त कराई जाएगी। अगर पीडि़ता आरोपितों को पहचान लेती है तो उन्हें सजा दिलाने में यह अहम तथ्य साबित होगा। यह शिनाख्त परेड मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में होगी। पीडि़ता फिलहाल प्रयाग मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में दाखिल है, जहां शनिवार को कांग्रेसी नेत्री शालिनी चोपड़ा व रिंकू चंदीला पीडि़ता की बहन के साथ पहुंचे, लेकिन वहां अस्पताल में उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। अस्पताल प्रबंधन ने ताला लगा दिया। पीडि़ता का बहन का आरोप है कि वह अस्पताल द्वारा किए जा रहे इलाज से सहमत नहीं है इसलिए वह दूसरे अस्पताल में इलाज की मांग कर रहे है। कांग्रेसी नेत्री ने कहा कि पुलिस ने गैंगरेप की घटना को वैन में घटित होना बताया है, जबकि पता चल रहा है कि गैंगरेप एक निजी अस्पताल की एम्बुलेंस में हुआ, पुलिस इस मामले में लीपापोती कर रही है, जबकि उन्हें इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन व सरकार को चेताया कि अगर आज उनका अस्पताल नहीं बदला तो वह धरना प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं करेगी। गौरतबल है कि सोमवार रात महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। दोनों आरोपितों को पकडऩे के लिए क्राइम ब्रांच 48 ने आठ किलोमीटर लंबे रूट पर उसके आसपास की जगह 50 से अधिक सीसीटीवी खंगाले। जिसके बाद आरोपितों की गाड़ी का नंबर ट्रेस हो सका। फिर पुलिस ने दोनों आरोपितों को पकड़ लिया। सामूहिक दुष्कर्म करने वाला एक आरोपित मूलरूप से मथुरा और दूसरा झांसी का रहने वाला है। अभी दोनों फरीदाबाद में ही रहते हैं। आरोपितों की वैन भी पुलिस ने बरामद कर ली है। पीडि़ता का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर