Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

मीरजापुर, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में बिना मुआवजा दिए भूमि अधिग्रहण और फसलों को हुए नुकसान से नाराज किसानों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर फूट पड़ा। विकासखंड कोन के हरसिंहपुर मल्लेपुर और मवैया गांव के किसानों ने एनएच-7 छह लेन हाईवे का निर्माण कार्य रुकवा दिया। पुरजागीर बाजार से समोगरा तक बन रहे हाईवे पर किसान खेतों में खड़े होकर प्रदर्शन करते नजर आए।
किसानों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी जमीन पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। शुक्रवार को अधिकारियों और कर्मचारियों ने जेसीबी से उनकी सैकड़ों बीघा में खड़ी मटर की फसल रौंद दी। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इससे आक्रोशित किसानों ने शनिवार सुबह बड़ी संख्या में पहुंचकर हाईवे निर्माण को पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने साफ कहा कि जब तक फसल क्षति और भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक सड़क निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सड़क पर दर्जनों ट्रैक्टर खड़े कर दिए गए। इससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप रहा।
प्रदर्शन में रवि यादव, संजीव पटेल, गिरीश सिंह, जयप्रकाश सिंह, अमरनाथ यादव, काली प्रसाद, मंसाराम, राजेश राम, श्रीनारायण तिवारी, मुकुंद लाल पटेल, राधेश्याम, महेश तिवारी, सत्यनारायण तिवारी समेत अन्य किसान शामिल रहे। हाईवे निर्माण रुकने की सूचना पर तहसीलदार सदर डॉ. विशाल शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। उन्होंने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, जबकि भूमि विवाद के मामलों में न्यायालय के निर्णय के बाद मुआवजा दिए जाने की बात कही।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा