17 करोड़ की लागत पर सवाल, अदवा बांध की मरम्मत पहली बारिश में ही फेल
मीरजापुर, 10 जनवरी (हि.स.)। विश्व बैंक के फंड से अदवा बांध पर कराए जा रहे करीब 17 करोड़ रुपये के मरम्मत व सुंदरीकरण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मानकों की अनदेखी का आलम यह रहा कि बांध के ऊपर बनाई जा रही पत्थर की दीवार पहली ही बारिश म
अदवा बांध पर बनाई गई पत्थर की फटी दिवाल।


मीरजापुर, 10 जनवरी (हि.स.)। विश्व बैंक के फंड से अदवा बांध पर कराए जा रहे करीब 17 करोड़ रुपये के मरम्मत व सुंदरीकरण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मानकों की अनदेखी का आलम यह रहा कि बांध के ऊपर बनाई जा रही पत्थर की दीवार पहली ही बारिश में ढह गई। इससे कार्यदायी संस्था के साथ ही निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं।

सिरसी बांध प्रखंड के अंतर्गत अदवा बांध की मजबूती और सुरक्षा को लेकर पत्थर डिवाइडर, रेन सूट, पिचिंग, नाली निर्माण, डिस्प्ले व सिपेज कार्य, सड़क निर्माण, कर्मचारी कक्ष, जनरेटर रूम और डबला पिचिंग जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। यह परियोजना करीब दो वर्षों से चल रही है, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों के विपरीत और कमजोर निर्माण कराया जा रहा है।

पहली बारिश में ही करीब तीन किलोमीटर से अधिक दायरे में बनी पत्थर की डिवाइडर दीवार टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि नियमानुसार इन कार्यों की देखरेख सिरसी बांध प्रखंड के अधिशासी अभियंता और संबंधित कर्मचारियों को करनी थी। निगरानी के अभाव में विश्व बैंक की भारी-भरकम धनराशि के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्य 31 मार्च तक पूरा किया जाना है। सामग्री का उपयोग मैटेरियल टेस्टिंग के बाद किया जा रहा है और निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा