पवित्रता, संवाद व समन्वय से सकुशल सम्पन्न होंगे प्रयागराज के सभी स्नान : मुख्यमंत्री योगी
-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता प्रदान करने का माध्यम बन रहा मेला सेवा ऐप : योगी-मुख्यमंत्री ने की माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा प्रयागराज, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियो
मेला ऐप का उद्घाटन करते सीएम


समीक्षा करते सीएम


-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता प्रदान करने का माध्यम बन रहा मेला सेवा ऐप : योगी-मुख्यमंत्री ने की माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा

प्रयागराज, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सभी प्रमुख स्नान सकुशल सम्पन्न होंगे। शनिवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशासन की सजगता, तकनीक के उपयोग और सभी विभागों के आपसी सहयोग से श्रद्धालुओं की सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि माघ मास में पावन त्रिवेणी के दर्शन व स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने स्मरण कराया कि गत वर्ष इसी समय महाकुम्भ की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही थीं और 10 जनवरी को भी इसी विषय को लेकर वह प्रयागराज में थे।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष माघ मेला तीन जनवरी से आरम्भ हो चुका है, जो 15 फरवरी तक चलेगा, ऐसे में सभी उत्सवों के सकुशल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि माघ मेला में इस वर्ष पौष पूर्णिमा पर 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी लेकिन 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान किया। भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी महाराज और अक्षयवट के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने सकुशल स्नान कर आशीर्वाद लिया। कल्पवासी एक माह के कल्पवास हेतु साधना में लीन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भगवान रामानंदाचार्य की 726वीं पावन जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। प्रयागराज अनेक ऋषि-मुनियों की पावन धरा है, जहां महर्षि भारद्वाज व याज्ञवल्क्य सहित अनेक सिद्ध संतों का सानिध्य रहा है। दारागंज जगद्गुरु रामानंदाचार्य की जन्मस्थली के रूप में विख्यात है।

मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, फिर माघ पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान सम्पन्न होंगे। पूरे आयोजन के लिए सभी विभागों ने व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के लिए घाटों की लम्बाई बढ़ाई गई है। साथ ही, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है और भीषण शीतलहर से बचाव के उपाय किए गए हैं। मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को क्रियान्वित किया गया है। साथ ही, मेला सेवा ऐप का शुभारम्भ किया गया है, जिससे संतों, कल्पवासियों व श्रद्धालुओं को आवश्यक सेवाएं और समाधान त्वरित रूप से मिल सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि जैसे पौष पूर्णिमा का स्नान संवाद और सहयोग से सकुशल संपन्न हुआ, वैसे ही आगे के सभी पांच स्नान भी पूरी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सुरक्षित रूप से संपन्न होंगे। प्रशासन पूरी तत्परता के साथ इस दिशा में कार्य कर रहा है और सभी के सहयोग से माघ मेला सफल होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र