मध्य प्रदेश के जबलपुर में सायबर अपराधों से बचाव को लेकर पुलिस का व्यापक जागरूकता अभियान
जबलपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर में लगातार सायबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का
साइबर क्राइम


जबलपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर में लगातार सायबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नागरिकों, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक वर्गों को सायबर अपराधों के प्रति सजग करना तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी देना है।

इसी क्रम में आज उप पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा द्वारा मानेगांव, रांझी क्षेत्र में गढ़वाल मित्र मंडल के सदस्यों एवं सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बीच एक विशेष सायबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे सायबर अपराधों, उनके नए-नए तरीकों और उनसे होने वाले आर्थिक एवं मानसिक नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, कस्टम फ्रॉड, फर्जी कॉल, मैसेज एवं लिंक के माध्यम से की जाने वाली ठगी जैसे मामलों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। उपस्थित नागरिकों को बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ई-मेल के झांसे में आकर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या आधार-पैन विवरण साझा करना अत्यंत खतरनाक हो सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पुलिस या किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन पर गिरफ्तारी या डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए इस प्रकार के कॉल पूरी तरह फर्जी होते हैं और उनसे सतर्क रहना आवश्यक है।

सायबर सेल से उप निरीक्षक नीरज नेगी एवं आरक्षक जितेंद्र राउत ने उदाहरणों के माध्यम से लोगों को सायबर अपराधों की पहचान करना सिखाया और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना, समय-समय पर पासवर्ड बदलना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को सक्रिय रखना तथा संदिग्ध वेबसाइट, ऐप्स और लिंक से दूरी बनाए रखना सायबर सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाता है तो तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं तथा www.ceir.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण कर मोबाइल को ब्लॉक कराएं। यदि कोई व्यक्ति सायबर फ्रॉड का शिकार होता है या किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि देखता है तो तत्काल राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें एवं www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें। इसके अलावा सायबर सेल जबलपुर के हेल्पलाइन नंबर 7701050010 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक