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- मुख्यमंत्री ने खुरई में 312 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन और लोकार्पण
भोपाल, 10 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है। भावांतर योजना से किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल रहा है और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को आने वाले भविष्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को सागर जिले के खुरई में विभिन्न विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा, महिला, गरीब, किसान के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। देश और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रत्येक किसान को 10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक बगिया मां के नाम योजना के माध्यम से एक एकड़ में बगिया लगाने पर सरकार के माध्यम से 2 लाख रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मध्य प्रदेश में खेती के साथ साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौशाला खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार के माध्यम से किसान कल्याण वर्ष में किसानों की खेती लाभ का धंधा कैसे हो इस पर सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खुरई में कृषि यंत्रों के निर्माण उद्योग को और आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन हो रहा है। सरकार ने इसे 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पाद को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। जिनसे से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि 25 गायों के साथ डेयरी खोलने पर 40 लाख की योजना पर 10 लाख रुपए का अनुदान सरकार देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए दृढसंकल्पित है। सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। लाड़ली बहना योजना के माध्यम लाड़ली बहनों को प्रत्येक माह उनके खाते में 1500 रूपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहनों की मुस्कान ही मेरी शक्ति और प्रदेश में महिला उत्थान के हर संभव कार्य किया जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के एक-एक खेत और इंच-इंच जमीन को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड में समृद्धि के द्वार खुलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखंड की धरती वीरों, महावीरों और दानवीरों की धरती है। बुन्देलखंड पर भगवान और पूर्वजों की विशेष कृपा है। बुन्देलखंड स्थापत्य कला का केन्द्र का तीर्थ है। खजुराहो, ओरछा की स्थापत्य कला को देखने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं। प्रदेश में पयर्टन के विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में जहां-जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े उस एक-एक स्थान को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार चित्रकूट धाम का भी विकास होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय पर पुष्पवर्षा की एवं दोनों हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पहली बार खुरई आकर प्रसन्नता हुई। जोरदार उत्साह के लिए मुख्यमंत्री ने खुरई की जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री ने मंच से ही रिमोट से 312 करोड़ रुपये के 86 विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं
- 500 करोड़ की लगात से राहतगढ़, खुरई रोड बनाया जाएगा।
- 429 करोड़ की बीना नदी परियोजना के माध्यम से 90 हजार हेक्टेयर रकबा सिंचित होगा। इसे शीघ्र पूरा किया जाएगा।
- खुरई कृषि महाविद्यालय के भवन निर्माण एवं सुविधाओं के विकास के लिए 25 करोड़ दिए जाएंगे।
- खुरई में युवाओं को नवीन आईटीआई शुरू कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- खुरई में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एथलेटिक ट्रैक लगाया जाएगा
- मालथौन में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा।
- दो सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे।
- रजवास में 133 केवी का विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जायेगा।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बुंदेलखंड क्षेत्र तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बुंदेलखंड अब शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रहा है। रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और औद्योगिक क्रांति से यह क्षेत्र समृद्ध हो रहा है। मंत्री श्री राजपूत ने यह भी बताया कि अप्रैल महीने में नौरादेही में चीते लाए जाएंगे, जिसके बाद बुंदेलखंड से हमें चीते देखने के लिए कूनो या अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत करते हुए खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्य प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। कृषि, नवाचार और सांस्कृतिक पुनरुद्धार के क्षेत्र में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा सांस्कृतिक धरोहरों को संजोने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री के खुरई रोड-शो में उमड़ा जनसैलाब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के खुरई आगमन पर उनका बुन्देली परंपरा के अनुसार भव्य एवं आत्मीय स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के 6 किलोमीटर लंबे रोड शो में नगर सहित आसपास उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। नागरिकों ने अनोखे और आकर्षक तरीकों से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। मलखंभ के माध्यम से विभिन्न आकर्षक एवं मनोहारी आकृतियों का प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई स्थानों पर लोग जेसीबी मशीन पर चढ़कर पुष्पवर्षा कर रहे थे, वहीं अनेक नागरिक घरों की छतों पर चढ़कर फूलों की वर्षा करते हुए दिखाई दिए।
लगाए गए 151 से अधिक स्वागत द्वार
रोड-शो के मार्ग पर लगभग 151 स्वागत द्वारों पर विभिन्न पारंपरिक लोकनृत्य, ढोल-नगाड़ों, शेर का रूप धारण करके प्रस्तुति और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। नगरवासियों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। स्वागत स्थलों को रंग-बिरंगे तोरण द्वारों, रंगोली और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा नगर एक उत्सव के रूप में दिखाई दे रहा था। मनमोहक रंगोली से मार्ग को सजाया गया और आम के तोरण द्वार लगाए गए। साथ ही, निवासियों ने दीप जलाए, कलश रखे और आरती उतारी।
बुन्देली लोक नृत्यों एवं वाद्ययंत्रों की गूंज ने बांधा समां
हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री का बुन्देली वाद्ययंत्रों की मधुर गूंज से भव्य स्वागत किया गया। बुंदेली संस्कृति की झलक दिखाते हुए ढोल-नगाड़ों, मांगलिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच महिलाओं एवं पुरुष कलाकारों की टोलियों ने पारंपरिक वेशभूषा में बुंदेली नृत्य राई, बधाई, दिवारी की जीवंत प्रस्तुतियां दीं, जो उत्साह एवं आकर्षण का प्रतीक बनीं।
लाड़ली बहनों ने सिर पर कलश रख आरती उतारी
रोड शो के दौरान लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी बहनों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्होंने सिर पर आम के पत्ते एवं नारियल सजाए, कलश रखकर अभिनंदन किया, आरती उतारी, तिलक लगाया एवं फूल बरसाए।
रमतूला, दुलदुल घोड़ी रहीं आकर्षण का केंद्र
बुंदेलखंड की लोक परंपरा रमतूला दुलदुल घोड़ी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। पारंपरिक ढपला, मंजीरा एवं ढोल की थाप पर दुलदुल घोड़ी के साथ कलाकारों ने मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। स्थानीय कलाकारों ने रंग-बिरंगे कपड़ों से सजी दुलदुल घोड़ियों पर सवार होकर रमतूला शैली में नृत्य किया।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर