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बीकानेर, 10 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं बीकानेर न्यायालय के अभिभावक न्यायाधिपति सुदेश बंसल शनिवार को बीकानेर पहली बार आए। सर्किट हाऊस में बीकानेर बार एसोसिएशन द्वारा शॉल, साफा व माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया।
बार अध्यक्ष एडवोकेट अजय पुरोहित द्वारा बीकानेर न्यायालयों से सम्बन्धित समस्याओं व रिक्त अदालतों की ओर ध्यानाकर्षण करवाते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। पुरोहित ने बताया कि बीकानेर में 1100 से अधिक मामले लम्बित होने के बावजूद स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी अधिनियम 1985 (एन.डी.पी.एस.) की विशेष कोर्ट बीकानेर में नहीं होने से उसकी मांग की। साथ ही 14 हजार से अधिक परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 (एन.आई.एक्ट) के मामले लम्बित होने से मामलों के निस्तारण में देरी होने के कारण विशेष न्यायालय एन.आई एक्ट की 2 और कोर्ट गठन करने की मांग रखी। साथ ही अधिवक्ताओं की संख्या 4 हजार से अधिक हो जाने के कारण 72 चेम्बर्स के ऊपर ही नवनिर्माण की मांग रखी। बंसल ने सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुनवाई कर अपने स्तर पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुरोहित के साथ बार सचिव हेमंत सिंह चौहान, बार उपाध्यक्ष लेखराम धत्तरवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता गणेश चौधरी, कुलदीप शर्मा, जितेंद्र सिंह शेखावत, लक्ष्मीकांत रंगा, गगन सेठिया, प्रेम गोदारा, अरविंद डोगीवाल, विष्णु भादाणी, मनीराम बिश्नोई सहित अनेक मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव