नो योर आर्मी प्रदर्शनी में सेना के आधुनिक उपकरणों और हथियारों का प्रदर्शन
जयपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के अन्तर्गत भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी में सेना के आधुनिक उपकरणों और हथियारों क
नो योर आर्मी प्रदर्शनी में सेना के आधुनिक उपकरणों और हथियारों का प्रदर्शन


भारतीय सेना में एक नया 'साथी' शामिल हो रहा है, जिसके न फेफड़े थकते हैं और न ही पैर डगमगाते हैं।  यह एक स्वायत्त रोबोट म्यूल है।


जयपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के अन्तर्गत भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी में सेना के आधुनिक उपकरणों और हथियारों को प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के शौर्य की अनेक गाथाओं को प्रदर्शित किया गया है।

प्रदर्शनी में भारतीय सेना के आधुनिक हथियारों, तकनीक और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण से लैस सैन्य बल को देखकर हर भारतीय का दिल जोश और उत्साह से भर गया। इस दौरान भारतीय सेना का अनुशासन, समर्पण और देश के प्रति अटूट निष्ठा भी देखने को मिली।

प्रदर्शनी में चार पैरों वाले रोबोट की क्षमताओं को आमजन ने देखा यह दिखने में किसी मेटल डॉग जैसा लगता है जो दुर्गम पहाड़ों, घने जंगलों या रेगिस्तान की तपती रेत और युद्ध के मैदान जैसी प्रतिकुल परिस्थितियों में सैनिकों का साथी बनता है। सैनिकों की सबसे बड़ी चुनौती उनके सामान का वजन और दुर्गम रास्ता होती है। लेकिन अब, भारतीय सेना में एक नया 'साथी' शामिल हो रहा है, जिसके न फेफड़े थकते हैं और न ही पैर डगमगाते हैं। इसे दुनिया म्यूल के नाम से जानती है। यह एक स्वायत्त रोबोट है जिसे विशेष रूप से उन जगहों पर काम करने के लिए बनाया गया है जहाँ पहिये वाले वाहन नहीं जा सकते।

रोबोटिक म्यूल सामान ढ़ोने के साथ इसके मल्टी-यूटिलिटी फीचर्स इसे एक घातक हथियार भी बनाते हैं। इसमें लगे थर्मल कैमरे और सेंसर रात के अंधेरे में भी दुश्मन की हलचल को पकड़ सकते हैं। यह लैंडमाइंस और आईईडी का पता लगाने के लिए सैनिकों से आगे भेजा जा सकता है, जिससे इंसानी जान का जोखिम कम होता है। जरूरत पड़ने पर इन पर हल्की मशीनगन या मिसाइल लॉन्चर भी फिट किए जा सकते हैं। रोबोटिक म्यूल तकनीक और ताकत का वो मेल है, जो भविष्य के युद्धों में सैनिकों की जान बचाने और ऑपरेशन की सफलता सुनिश्चित करने में गेम-चेंजर साबित होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश