बाल श्रम से निकले, 10वीं तक पहुंचे, योगी सरकार के विद्या धन से संवर रहा भविष्य
- बाल श्रमिक विद्या योजना से 100 बच्चों को मिला पढ़ाई का सहारा - कानपुर नगर में 72 बच्चों को मिला लाभ, शेष का भुगतान जल्द कानपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा बाल श्रम उन्मूलन और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में चलाई ज
फोटो । प्रतीकात्मक


- बाल श्रमिक विद्या योजना से 100 बच्चों को मिला पढ़ाई का सहारा

- कानपुर नगर में 72 बच्चों को मिला लाभ, शेष का भुगतान जल्द

कानपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा बाल श्रम उन्मूलन और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में चलाई जा रही बाल श्रमिक विद्या योजना कानपुर नगर में असर दिखा रही है। योजना के माध्यम से ऐसे बाल श्रमिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है या जो दिव्यांग हैं, अथवा माता-पिता में से कोई एक दिवंगत या दिव्यांग है।

योजना के तहत बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें बालकों को 1000 रुपए प्रतिमाह और बालिकाओं को 1200 रुपए प्रतिमाह की सहायता राशि दी जाती है। साथ ही कक्षा 8, 9 अथवा हाईस्कूल उत्तीर्ण करने पर ₹6000 की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।

कानपुर नगर में इस योजना के अंतर्गत कुल 100 बच्चों का चयन किया गया। इनमें से अप्रैल से लेकर दिसंबर माह तक 72 बच्चों को 5,49,400 रुपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष लाभार्थियों का भुगतान प्रक्रिया में है। चयनित बच्चों में 33 बालिकाएं और 39 बालक शामिल हैं। कक्षा 8 में 9, कक्षा 9 में 14 और कक्षा 10 में 13 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

योजना के तहत पात्र बच्चों का चयन श्रम विभाग द्वारा मौके पर निरीक्षण कर किया जाता है, ताकि वास्तव में जरूरतमंद बच्चों को ही लाभ मिल सके। योजना से लाभान्वित राहुल (कक्षा 9) ने बताया कि पहले उसे काम करना पड़ता था, लेकिन अब वह स्कूल जा पा रहा है। वहीं पूजा (कक्षा 8) ने कहा कि आर्थिक सहायता से उसकी पढ़ाई आसान हो गई है।

सहायक श्रमायुक्त रामलखन पटेल ने शनिवार काे बताया कि योगी सरकार की मंशा है कि कोई भी बच्चा श्रम न करे, पढ़ाई करे। श्रम विभाग निरीक्षण के बाद पात्र बच्चों का चयन करता है। दिसंबर तक चयनित 72 बच्चों को भुगतान किया जा चुका है और शेष बच्चों को भी जल्द योजना का लाभ दिया जाएगा। बताया कि इस याेजना का उद्देश्य है कि बाल श्रमिकों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उन्हें बाल श्रम से बाहर निकालना। इसमें लाभार्थी बाल श्रमिक बच्चे (लड़के और लड़कियां)ही हाेंगे। इनकाे आर्थिक सहायता भी दी जाती है जाे निम्नवत है।

- लड़कों के लिए: 1000 रुपए प्रति माह (12,000 रुपए प्रति वर्ष)।

- लड़कियों के लिए: 1200 रुपए प्रति माह (14,400 रुपए प्रति वर्ष)।

- प्रोत्साहन राशि (कक्षा पास करने पर):

- कक्षा 8 पास करने पर- 6000 रुपए

- कक्षा 9 पास करने पर- 6000 रुपए

- कक्षा 10 पास करने पर- 6000 रुपए

हिन्दुस्थान समाचार / अजय सिंह