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जैसलमेर, 30 अगस्त (हि.स.)। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शनिवार को जिले के रामदेवरा में कहा कि परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है। चिकित्सा से जुड़ा सेवा कार्य ही ईश्वर की आराधना है।
कुमावत ने यह बात रामदेवरा में चल रहे निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर यानी नेत्रकुंभ का अवलोकन करते हुए कही। उन्होंने सक्षम संस्था, जयपुर द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पर-पीड़ा निवारण के लिए किए जाने वाले कार्य जन-जन तक पहुंचते हैं तभी उनकी सार्थकता होती है।कुमावत ने संस्था द्वारा नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा और दवाओं, चश्मों, लेंस और अन्य उपकरणों के वितरण को अनुकरणीय बताया। उन्होंने मरीजों से संवाद करते हुए उनके हाल-चाल भी जाने। उन्होंने सरकार के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं, निजी क्षेत्र आदि को भी चिकित्सा सेवाओं में सहयोग देने और अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित किए जाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि लोक त्यौहार, मेले और उत्सव भारत और विशेषकर राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो परंपराओं, धार्मिक विश्वासों और सामुदायिक जीवन को दर्शाते हैं। ये आयोजन न केवल स्थानीय रीति-रिवाजों को संरक्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करते हैं।
इससे पहले मंत्री कुमावत लोकदेवता बाबा रामदेव जी महाराज की पावन नगरी रामदेवरा पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने आस्था के प्रतीक राम सरोवर कुंड के भी दर्शन किए।
इस अवसर पर सक्षम संस्था के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर, उपाध्यक्ष मनु भाई पुरोहित, आयोजन समिति के महासचिव खेताराम, सुरेश मेवाड़ा, स्वरुप दान , बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष जुगल किशोर व्यास , जिला उपाध्यक्ष नारायण सिंह तवर, मंडल अध्यक्ष भवर सिंह सादा, खेता राम, हुकमाराम , चंदन कुमावत, पूर्व प्रधान चतराराम, सरपंच मोहन चौधरी , संसद प्रतिनिधि डी आर चौधरी सहित संस्था के पदाधिकारी, लाभार्थी और भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्रशेखर