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जोधपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। संसदीय कार्य, विधि एंव विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने एसआई भर्ती को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती को रद्द नहीं किया है। कोर्ट ने अपने ऑब्जर्वेशन के साथ सरकार को भेजा है। इसकी जांच कर रहे हैं। उन्होंने जो ऑब्जर्वेशन किया वह बहुत महत्वपूर्ण है। वह शनिवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि न्यायालय ने राज्य सरकार को जांच पूरी कर रिपोर्ट राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को सौंपने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आरपीएससी में नियुक्त अध्यक्षों और सदस्यों पर भी सवाल उठाए हैं, और इस संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री पटेल ने साफ कहा कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के पीएसओ से लेकर सुरक्षा कर्मियों तक के नाम सामने आ रहे हैं। कई बड़ी मछलियों की संलिप्तता की आशंका है और सभी के खिलाफ नियमानुसार जांच एवं कार्यवाही होगी। पटेल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में आरपीएससी में जितने भी सदस्य और अध्यक्ष बने। उनके ऊपर प्रश्नचिह्न लगे और जांच का आदेश दिया गया।
कोर्ट ने भाजपा सरकार की प्रशंसा की
मंत्री ने कहा कि एक तरीके से कोर्ट ने भाजपा सरकार की प्रशंसा की है। एसआई भर्ती पेपर लीक मामला सामने आते ही सरकार ने सबसे पहले इसकी जांच शुरू की और एसआईटी गठित की। पहला मुकदमा दर्ज किया। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह भर्ती हुई है लेकिन उनकी ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि हमारे पास इस जजमेंट की कॉपी अब आई और विधि विभाग इसकी जांच कर रहा है। कई जो प्रभावित याचिकाकर्ता है, जिनका चयन हुआ था।
उनका अपना पक्ष है, वे डिवीजन बेंच में अपील कर सकते है। सरकार का विचार यही है कि इसकी पूरी जांच करके विधि-विभाग से राय लेकर अगला कदम उठाएंगे। डिवीजन बेंच में जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इसमें विधि-विभाग की ओर से परीक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने ये भी संकेत दिया कि जो 1051 पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती में इनको भी समाहित किया जाए। इस विषय को भी मेंशन किया जा रहा है। इस भर्ती में जो दोषी है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर रहे हैं।
दोषी व्यक्ति को सरकार नहीं छोड़ेगी
उन्होंने कहा कि जितनी भी कांग्रेस कार्यकाल के दौरान भर्ती हुई और जिनकी लिप्तता पाई जा रही है। उन सबकी जांच की जा रही है। चाहे छोटी हो या बड़ी मछली, जो भी गुनहगार है, वह पकड़ा जाएगा। बेगुनाह को कोई आंच नहीं आएगी और इसमें पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी। यदि कोई दोषी होगा तो चाहे वह राजनीतिक तौर पर या कोई भी बड़ा आदमी क्यों न हो, जिसने दोष किया है, उसको ये सरकार नहीं छोड़ेगी। मंत्री ने इस भर्ती को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा। कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री के पीएसओ को पकड़ा जाए तो आप समझ सकते हैं कि जांच किस तरफ जा रही है। बड़ी-बड़ी मछलियां पकडऩे का जो बार-बार आ रहा है, धीरे-धीरे जांच उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश