बच्चियों की सुरक्षा, न्यायालय और पर्सनल लॉ : जरूरी है समान नागरिकता
डॉ. निवेदिता शर्मा
भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के सामने इस समय सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या देश की बच्चियों और बच्चों की सुरक्षा उनकी धार्मिक पहचान और पर्सनल लॉ से तय होगी या फिर संविधान और संसद द्वारा बनाए गए कानून सभी पर समान रूप से लागू होंगे। यह
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