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जयपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान के तहत राजधानी जयपुर में शनिवार को राज्य स्तरीय छात्रसंघ प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया। वैशाली नगर स्थित खण्डेलवाल वैश्य गर्ल्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं अभियान के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी सुनील बंसल ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए अधिक से अधिक संख्या में इसका समर्थन करना है और मुझे पूर्णतया विश्वास है कि देश की युवा शक्ति,छात्रशक्ति इसे प्रमुखता से करेगी। बंसल ने युवाओं से आह्वान किया कि एक चुनाव अभियान का प्रस्ताव जन जन से पास करवाना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में सहयोग करना है।
एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी सुनील बंसल ने बताया कि एक राष्ट्र्र एक चुनाव से देश में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलाव तो आएगा ही साथ में देश विकास की नई इबारत लिखेगा। उन्होंने बताया कि देश में 1951—52 से 1967 तक चार आम चुनाव एक साथ करवाए गए, इसके बाद राजनीतिक लाभ के लिए इंदिरा गांधी ने देश की राजनीति में अस्थिरता ला दी। 1995 से 2025 तक 30 साल में हर साल देश में कहीं ना कहीं चुनाव हो रहे है, कभी लोकसभा, तो कभी विधानसभा या फिर कभी पालिका, जिला परिषद या अन्य चुनाव हो रहे है। देश के प्रत्येक राज्य में हर साल करीबन 150 से 200 दिन आचार संहिता लगी होने के कारण जनता के विकास कार्य नहीं हो पाते, इतना ही नहीं, देश में कार्य दिवस भी कम हो जाते है।
उन्होंने बताया कि देश में 5 सालों में लगभग 5 से 7 लाख करोड़ रुपए चुनाव करवाने में खर्च किए जा रहे है। ऐसे में अगर एक चुनाव से इसका आधा भी खर्च बचाया जाता है तो देश में विकास को गति मिलेगीं। उन्होंने बताया कि अकेले 2024 के आम चुनाव में लगभग 1 लाख 35 हजार करोड़ से अधिक का खर्चा आया और लगभग 10 लाख से अधिक बूथों पर चुनाव प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 1 करोड़ से अधिक लोगों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया। ऐसे में एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा देशहित में सर्वोत्तम है। आज एक राष्ट्र एक चुनाव का बिल संसद की संयुक्त संसदीय कमेटी में है, अगर देश के युवा इसे जन आंदोलन बनाकर इसका समर्थन करते है तो यह संशोधन संभव हो पाएगा और हम सभी विकसित भारत की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएंगे।
छात्रसंघ प्रतिनिधि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आजादी के बाद देश में एक साथ चुनाव करवाए जाते थे, लेकिन कांग्रेस के पापों की बदौलत, उनकी इच्छा के अनुरूप नहीं चलने वाली विधानसभाओं को बर्खास्त किया जाता और मनमर्जी से सरकारें चलाना शुरू कर दिया। कांग्रेस के अनुरूप कार्य नहीं करने वाली राज्य सरकारों को भंग कर दिया जाता था। हालांकि कांग्रेस का भी समय—समय पर विखंडन हुआ, दो बैलों की जोडी से गाय—बछडे पर और फिर हाथ के पंजे पर आई। देश को बार—बार चुनाव प्रक्रिया में ढकेलने वाली कांग्रेस ने स्वार्थ के लिए जनता के पैसे को बर्बाद करना शुरू कर दिया। देश में विकास की गति धीमी हो गई, चुनावी प्रक्रिया के चलते बार बार आचार संहिता लगने और जनता के कार्य नहीं होने से आमजन का चुनाव प्रक्रिया से मोह तक भंग होने लग गया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में एक बार फिर से एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा को लेकर आए है। मोदी ही नहीं, देश के अधिकांश राजनीतिक दल इसका समर्थन कर रहे है। यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक पार्टी का नहीं है, बल्कि एक राष्ट्र का मुद्दा है। उन्होंने बताया कि एक राष्ट्र में एक चुनाव होने के बाद विकास मुद्दा बनेगा। पक्ष—विपक्ष दोनों विकास में प्रतिस्पर्धा करेंगे और जब विकास में दो नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा होगी तो देश अवश्य रूप से विकसित होगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि आज की राजनीति में शब्दों की गरिमा तारतार हो रही है, राजनीति में लगातार गिरावट आ रही है। सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ के चलते विश्व में भारत का मान बढ़ाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करना शर्मनाक स्थिति है। भ्रष्टाचार को समर्थन देते हुए महाराष्ट्र के कांग्रेसी नेता सुशील कुमार शिंदे ने तो यहां तक कह दिया कि यह जनता सब भूल जाती है, ऐसे में हम सभी को सोचने के जरूरत है। मेरा युवाओं से आह्वान है कि हम ऐसी ओछी रानजीति करने वालों को राजनीति में बर्दास्त नहीं करेंगे। देश की राजनीति को स्वच्छ बनाए रखने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव का समर्थन करते हुए इसको जनआंदोलन बनाएंगे।
कार्यक्रम में अभियान के प्रदेश संयोजक सुनील भार्गव ने एक राष्ट्र एक चुनाव की प्रस्तावना रखी। भार्गव ने कहा कि देश में अब तक का सबसे बड़ा चुनाव सुधार 129वें संविधान संशोधन के माध्यम से जेपीसी में लंबित है। इस संशोधन को देश की 62 में से 43 राजनीतिक दलों ने समर्थन प्रदान किया है। हम सभी छात्रसंघ प्रतिनिधियों को भी राष्ट्र के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव का समर्थन करना है। कार्यक्रम में मंच पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, भाजपा महामंत्री जितेंद्र गोठवाल, श्रवण सिंह बगडी, अभियान सह संयोजक प्रो.महेंद्र सिंह, उमेश दत्त, सम्मेलन टोली के शंकर गोरा, श्याम सिंह, पंकज बोराण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संभागवार छात्रों द्वारा एक राष्ट्र एक चुनाव प्रस्ताव का समर्थन किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश