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जोधपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। बारिश में जर्जर सरकारी स्कूलों के ढहने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को सुबह हुई बारिश के कारण एक और सरकारी स्कूल के दो कमरे मय बरामदा ढह गए। हालांकि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। हादसे के दौरान स्कूल में कोई नहीं था जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार लूणी क्षेत्र के ग्राम पंचायत हिंगोला के अंतर्गत चिरायों की ढाणी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में यह घटना सुबह करीब सात बजे हुई। गनीमत रही कि उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत हिंगोला के सरपंच मुसे खां और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि बिल्डिंग की जर्जर स्थिति के बारे में प्रशासन को कई बार सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। बताया गया है कि लूणी क्षेत्र में सुबह से हो रही तेज बारिश ने स्कूल बिल्डिंग की कमजोर नींव को और कमजोर कर दिया। बिल्डिंग की दीवारों में पहले से ही दरारें थीं और यह कई सालों से मरम्मत के अभाव में जर्जर हालत में थी। सुबह अचानक दो कमरों की छत और दीवारें भरभराकर गिर गईं, जिससे स्कूल परिसर में मलबे का ढेर लग गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि जर्जर बिल्डिंग को तत्काल हटाया जाए और स्कूल में नए कमरों का निर्माण किया जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में झालावाड़ और करौली जैसे जिलों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें कई बच्चों की जान जोखिम में पड़ी थी।
एक घंटे तक झमाझम बारिश
शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आज सुबह करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। लगातार हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया और किसानों के चेहरे खिल उठे। बरसात इतनी तेज़ रही कि कई जगह सडक़ों पर पानी भर गया और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। अचानक हुई बरसात से खेतों में नमी भर गई है। मूंगफली, बाजरा, मूंग और ग्वार जैसी खरीफ फसलों को विशेष लाभ मिलेगा। वहीं सिंचित फसलें भी तरोताजा हो गई हैं। किसानों का कहना है कि यह पानी फसल की पैदावार बढ़ाने और गुणवत्ता सुधारने में सहायक होगा। किसानों का मानना है कि इस समय पर हुई बारिश ने खरीफ फसल को संजीवनी देने के साथ ही रबी सीजन की राह भी आसान कर दी है। खेतों में नमी भरने से गेहूं, चना और सरसों की बुवाई समय पर हो सकेगी। साथ ही वर्षा जल संचयन से रबी फसलों की सिंचाई की सुविधा भी बढ़ जाएगी।
लो प्रेशर सिस्टम के कारण बारिश
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून ट्रफ राजस्थान के बीकानेर, कोटा, मध्यप्रदेश के गुना, दमोह और उड़ीसा के सम्बलपुर और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। उड़ीसा-छत्तीसगढ़ के ऊपर लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है। इस सिस्टम के असर से बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश