एक राष्ट्र एक चुनाव भाजपा का एजेंडा नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास के लिए एक जागरण अभियान: मदन राठौड़
जयपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने ''एक राष्ट्र एक चुनाव'' अभियान के तहत आयोजित छात्रसंघ प्रतिनिधि सम्मेलन के बाद प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए विभिन्न विषयों पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। उन्होंने कांग्रेस
एक राष्ट्र एक चुनाव भाजपा का एजेंडा नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास के लिए एक जागरण अभियान: मदन राठौड़


जयपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 'एक राष्ट्र एक चुनाव' अभियान के तहत आयोजित छात्रसंघ प्रतिनिधि सम्मेलन के बाद प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए विभिन्न विषयों पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उसकी नीतियों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राठौड़ ने एक राष्ट्र, एक चुनाव के पक्ष में अपनी बात रखते हुए कहा,कि “देश में एक चुनाव होना चाहिए, जिससे 4.5 साल तक सभी दल विकास में जुट सकें। इससे धन और श्रम की बचत होगी और विकास के लिए सभी को समय मिलेगा। चुनावों के दौरान आचार संहिता की वजह से विकास कार्यों में रुकावटें आती हैं। उन्होंने कहा, कि “आज के युवा सम्मेलन में इस प्रस्ताव को रखा और उसे समर्थन भी किया। एक राष्ट्र एक चुनाव सिर्फ भाजपा का एजेंडा नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास के लिए एक जागरण अभियान है। हमें इस अभियान में बढ़चढ़ कर अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस नेताओं को अपनी गिरेबां में झांकना चाहिए। गहलोत साहब के समय में पेपर लीक हुए थे, लेकिन भजनलाल शर्मा की सरकार बनने के बाद से कोई पेपर लीक नहीं हुआ। हमारी सरकार ने 2021 की एसआई भर्ती प्रक्रिया में जांच की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।”

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा अब बयानबाजी करते हैं, लेकिन उनके पास कोई विकल्प ही नहीं है। जो अपराध उनकी सरकार में, उनके प्रदेशाध्यक्ष के कार्यकाल में हुए, तो सीधे तौर पर डोटासरा भी इन अपराधों का हिस्सा मानें जाएंगे। ऐसे में उन्हें इस तरह के बयानबाजी नहीं करना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के नेताओं की घटिया शब्दावली पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि “राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर ऐसे शब्द बोले थे, जिसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा और माफी मांगनी पड़ी। अब एक बार फिर राहुल गांधी ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताश्री के लिए गलत शब्दों का उपयोग किया, इससे ज्यादा राजनीति की गिरावट कभी नहीं देखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के बारे में गलत शब्दों का प्रयोग किसी भी देशभक्त को स्वीकार्य नहीं है। राजनीति में मर्यादा का पालन होना चाहिए और शब्दों का चयन सम्मान जनक होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का इस प्रकार का व्यवहार न केवल राजनीति को हानि पहुंचाता है, बल्कि देश की प्रतिष्ठा को भी गिराता है।” उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है, और ऐसे घटिया बयान उनके खिलाफ दिए गए, यह देश की साख को कमजोर करने जैसा है। हम सभी इस प्रकार के बयानों की निंदा करते हैं और देश में आक्रोश है। कोई भी व्यक्ति ऐसे नेताओं को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखेगा।”

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश