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नई दिल्ली, 05 अगस्त (हि.स.)। वाराणसी में 14,447.64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 46.039 किलोमीटर लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर से राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) से वाराणसी रिंग रोड तक तेज वाहनों का निर्बाध संचालन होगा। साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, बीएचयू, रामनगर और काशी रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। इस कॉरिडोर पर वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे शहर में औसत यात्रा समय 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को परियोजना की प्रमुख विशेषताओं के बारे में बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने इस कॉरिडोर को मंजूरी दी थी। परियोजना का उद्देश्य वाराणसी और चंदौली में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना, तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुगम बनाना और शहर को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ना है।
मंत्रालय के अनुसार, यह एक्सेस कंट्रोल छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर एनएच-19, वाराणसी रिंग रोड (एनएच-135बी), रामनगर और बीएचयू को आपस में जोड़ेगा। कॉरिडोर पर वाहनों की परिचालन गति 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके बनने से परियोजना क्षेत्र में औसत यात्रा समय करीब 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा, जबकि एनएच-19 से काशी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में लगने वाला समय लगभग 50 मिनट से घटकर 25 मिनट हो जाएगा।
परियोजना में गंगा नदी पर 910 मीटर लंबा केबल-स्टे पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा 1.32 किलोमीटर लंबा एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें ट्रैवलेटर की सुविधा होगी। इससे पैदल यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर तक सुरक्षित और आसान पहुंच मिलेगी। परियोजना में मौजूदा और प्रस्तावित मालवीय पुल के ऊपर रेल ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा।
यातायात सुचारु रखने के लिए बीएचयू-लंका से सामने घाट तक एलिवेटेड स्पर तैयार किया जाएगा, जिससे लंका चौराहे पर जाम की समस्या कम होगी। परियोजना में आपातकालीन पार्किंग बे, शोर कम करने के लिए नॉइज बैरियर, आकर्षक फसाड लाइटिंग तथा वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित वास्तुशिल्पीय डिजाइन भी शामिल किए गए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, यह कॉरिडोर प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप बहु-माध्यम (मल्टीमॉडल) संपर्क को भी मजबूत करेगा। इससे एनएच-19, वाराणसी रिंग रोड, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन और रामनगर अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन भी अधिक तेज और सुगम होगा।
मंत्रालय ने कहा कि बेहतर संपर्क और कम यात्रा समय से वाराणसी आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। इससे पर्यटन, होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खुदरा कारोबार और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर