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नई दिल्ली, 05 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो हटाए जाने और बाल यौन शोषण एवं दुरुपयोग सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े कथित विज्ञापनों के मामले में मेटा ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सरकार से माफी मांगी है। सूत्रों के अनुसार मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने सीएसएएम, डीपफेक सामग्री और मंच के संचालन में हुई त्रुटियों पर खेद व्यक्त किया है।
सूत्रों ने बताया कि मेटा ने स्वीकार किया कि कुछ खास तरह की सामग्री को बढ़ावा देने के लिए काफी पैसा दिया गया था। वहीं, सरकार ने कंपनी को स्पष्ट किया है कि अगर मेटा तय करेगा कि कौन-सा कंटेंट किसे दिखाया जाएगा, तो उसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत केवल ‘मध्यस्थ’ (इंटरमीडियरी) के तौर पर मिलने वाला संरक्षण समाप्त हो जाएगा।
मेटा के मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी जोएल कैपलन के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा