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नई दिल्ली, 20 अगस्त (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने गुरुवार को निशानेबाजी में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल तथा द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित नेहा नंदकुमार चव्हाण को बधाई दी है। इन पुरस्कारों को भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए गौरव का क्षण बताते हुए एनआरएआई ने कहा कि यह खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान की पहचान है।
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 18 अगस्त को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा की थी। अखिल श्योराण को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया, जबकि धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल को क्रमश: बधिर निशानेबाजी और पैरा-निशानेबाजी में उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, नेहा नंदकुमार चव्हाण को द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किया गया।
50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में अखिल का शानदार प्रदर्शन
भारत के प्रमुख राइफल निशानेबाजों में शामिल अखिल श्योराण लंबे समय से 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे हैं। वह वर्तमान में एनआरएआई की 2026 राष्ट्रीय टीम में शामिल हैं और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने चयन ट्रायल-3 में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया था।
नेहा चव्हाण को प्रशिक्षक के रूप में योगदान का सम्मान
नेहा नंदकुमार चव्हाण को मिला द्रोणाचार्य पुरस्कार निशानेबाजी प्रशिक्षक के रूप में उनके योगदान और खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करने में उनकी भूमिका को मान्यता देता है। एनआरएआई ने कहा कि उनका सम्मान भारतीय निशानेबाजी के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह खिलाड़ियों की सफलता में प्रशिक्षकों तथा पूरे सहयोगी तंत्र के महत्व को भी रेखांकित करता है।
धनुष ने टोक्यो में रचा था इतिहास
बधिर वर्ग में दुनिया के नंबर एक निशानेबाज धनुष श्रीकांत ने पिछले साल टोक्यो में आयोजित 25वें समर डेफलंपिक्स में इतिहास रचा था। उन्होंने इन खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी का पहला स्वर्ण पदक जीता। 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए धनुष ने फाइनल में 252.2 अंक हासिल कर बधिर वर्ग का विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने अपना ही 251.7 अंक का पिछला रिकॉर्ड बेहतर किया। इससे पहले उन्होंने क्वालीफिकेशन में भी नया डेफलंपिक्स रिकॉर्ड बनाकर फाइनल में जगह पक्की की थी। धनुष के स्वर्ण के साथ उनके भारतीय साथी मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने 250.1 अंक के साथ रजत पदक जीता था।
रुद्रांश ने पैरा निशानेबाजी में बनाई पहचान
भारत के उभरते हुए पैरा निशानेबाजों में शामिल रुद्रांश खंडेलवाल एसएच-1 वर्ग में पिस्टल स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं। वह एशियाई पैरा खेलों, विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप और पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट प्रतियोगिताओं के कई पदक शामिल हैं, जिनमें स्वर्ण पदक भी हैं। ऐसे में अर्जुन पुरस्कार के लिए उनका चयन भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए महत्वपूर्ण सम्मान है।
एनआरएआई के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “पूरे निशानेबाजी जगत के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत, रुद्रांश खंडेलवाल और नेहा नंदकुमार चव्हाण को यह सम्मान मिला है। इन सभी की यात्राएं उस दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो खेल में उत्कृष्टता की बुनियाद हैं। ये सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का जश्न नहीं हैं, बल्कि उन प्रशिक्षकों, परिवारों और सहयोगी तंत्र की भी पहचान हैं, जो उनके साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।”
एनआरएआई के महासचिव पवनकुमार सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय खेल पुरस्कार भारतीय खेलों में दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में शामिल हैं और यह बेहद उत्साहजनक है कि इस वर्ष निशानेबाजी जगत के चार सदस्यों को सम्मानित किया गया है। अखिल, धनुष और रुद्रांश ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है, जबकि नेहा का सम्मान खिलाड़ियों को तैयार करने और मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।”
उन्होंने आगे कहा, “ये सम्मान एनआरएआई और पूरे निशानेबाजी समुदाय के लिए गर्व का क्षण हैं। हम चारों पुरस्कार विजेताओं को इस योग्य उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे