Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

कोंड़ागांव, 08 जुलाई (हि.स.)। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से कोंड़ागांव पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा की अध्यक्षता में जिला पुलिस कार्यालय में बुधवार काे विशेष अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। कॉप ऑफ द मंथ सम्मान आरक्षक अजरंग बघेल, आरक्षक लिलेश ध्रुव और आरक्षक दशरू नेताम को प्रदान किया गया। वहीं एम्पलाई ऑफ द मंथ का सम्मान गिरजा शंकर देव को उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए दिया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने सम्मानित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अनुशासन, जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने जिले की कानून व्यवस्था, लंबित अपराधों, शिकायतों के निराकरण, विवेचना की प्रगति तथा विभिन्न शाखाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा गंभीर एवं लंबित मामलों की विवेचना शीघ्र पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किए जाएं, ताकि अपराधियों को समय पर दंड मिल सके। एसपी ने फरार आरोपिताें की गिरफ्तारी, लंबित समन एवं वारंटों की शत-प्रतिशत तामिली, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, नियमित रात्रि गश्त, सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन जांच तथा विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया की सतत निगरानी कर अफवाह एवं भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में साइबर अपराध, ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा थाना प्रभारियों को सामुदायिक पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने, ग्राम स्तर पर जनसंवाद बढ़ाने, फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने तथा अभियोजन अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर न्यायालय में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे