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चिसीनाउ (मोल्दोवा), 21 जुलाई (हि.स.)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तीन देशों की राजकीय यात्रा का पहला चरण मोल्दोवा में पूरा कर लिया। वो अब उत्तर मैसेडोनिया की दो दिवसीय यात्रा पर होंगी। मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया रवाना होने से पहले चिसीनाउ में आयोजित राजकीय भोज में हिस्सा लिया। भोज का आयोजन उनके सम्मान में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सैंडू ने किया।राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की।
यह जानकारी भारत के राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की गई। एक्स पोस्ट में कहा गया, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तर मैसेडोनिया रवाना होने से पहले चिसिनाउ में मोल्दोवा की राष्ट्रपति के उनके सम्मान में आयोजित भोज में शामिल हुईं। एक अन्य एक्स पोस्ट के अनुसार, मुर्मु ने चिसिनाउ में भारतीय समुदाय के सदस्यों बातचीत की। भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया।
यह महत्वपूर्ण है कि किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की यह पहली यात्रा है। उत्तरी मैसेडोनिया का दौरा पूरा कर वो रोमानिया पहुंचेंगी। उन्होंने मोल्दोवा के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक की और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत का नेतृत्व किया। राष्ट्रपति मुर्मु के साथ राजकीय यात्रा में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा और लोकसभा सदस्य विजय बघेल भी हैं।
20 जुलाई की सुबह चिशिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत मोल्दोवा के उपप्रधानमंत्री और विदेशमंत्री मिहाई पॉपसोई ने किया। राष्ट्रपति मुर्मु का प्रेसिडेंशियल पैलेस में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सैंडू ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। आमने-सामने की बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी के सभी पहलुओं पर सार्थक और भविष्योन्मुखी चर्चा की।
दोनों नेता आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। इनमें कृषि, लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, हैल्थकेयर एवं फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार शामिल हैं। भारत की राष्ट्रपति ने भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प की ओर अग्रसर भारत ऐसी साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है, जो विश्वास और साझा समृद्धि पर आधारित हों।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद