रीवा पुलिस का बड़ा ऐक्शन अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
रीवा, 20 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस ने सोमवार को अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चोरहटा थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर हथिया
फोटो तस्करों की


रीवा, 20 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस ने सोमवार को अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है।

चोरहटा थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8 नई सील पैक पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों से अवैध हथियार लाकर रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में उनकी सप्लाई कर रहे थे।

पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो ये हथियार अपराधियों के हाथों तक पहुंच सकते थे और किसी बड़ी वारदात में इस्तेमाल किए जा सकते थे। पुलिस की तत्परता से एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की साजिश पर समय रहते पानी फिर गया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरण सिंह के निर्देश पर जिले की विशेष टीम और चोरहटा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया। पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप रीवा लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीति तैयार कर संदिग्धों की निगरानी शुरू की और तय स्थान पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 8 सील पैक आधुनिक पिस्टल, उनकी मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामद हथियार पूरी तरह नए थे और सप्लाई के लिए तैयार रखे गए थे।

पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों से अवैध हथियार खरीदकर उन्हें रीवा और विंध्य क्षेत्र के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा हथियार किन अपराधियों तक पहुंचाए जाने थे।पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था और कई जिलों में इसकी मजबूत सप्लाई चेन बनी हुई थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोशन गुप्ता और मोहम्मद अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक आरोपी पर करीब 9 जबकि दूसरे पर 13 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। दोनों पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुके हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद किए गए हथियार किसी बड़ी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल किए जा सकते थे। समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी से न केवल अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद हुई, बल्कि संभावित अपराधों को भी रोका जा सका। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस खेप की डिलीवरी किसे दी जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियारों के सप्लायर और खरीदारों की तलाश में जुटी है। पूरे मामले में संगठित अपराध और अवैध हथियार तस्करी से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

रीवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को रीवा पुलिस की हालिया सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है, जिसने विंध्य क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी