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लखनऊ, 19 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने एक संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहाकि भारत में शिक्षा पूर्णतया नि:शुल्क थी। छात्रों को भोजन,वस्त्र,औषधि व पुस्तकें गुरूकुल में नि:शुल्क प्राप्त होती थीं। शिक्षा में शुल्क लगाने का काम अंग्रेजों ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा का स्वरूप भिन्न दिशा में जा रहा है। आज देश में बड़े-बड़े हाइवे व एयरपोर्ट बन रहे हैं,लेकिन 80 प्रतिशत समाज उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं है। इससे समाज में असंतोष उत्पन्न होता है।
वह रविवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में महामना शिक्षण संस्थान के नूतन सत्र के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत में आर्थिक व भौतिक उन्नति पर्याप्त थी। दुनिया को व्याकरण,अक्षर ज्ञान, दशमलव, गणित, त्रिकोणमिति, नक्षत्रों की गणना करना, दुनिया को कपड़ा पहनना भारत ने सिखाया। दुनिया में सबसे पहले जहाज भारत ने बनाया।
सह सरकार्यवाह ने कहा कि भारत के प्रत्येक गांव में विद्यालय थे। नालंदा,तक्षशिला व विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय भारत में थे जहां अनेक देशों के विद्यार्थी पढ़ने आते थे। इस्लाम के आक्रमण ने हमारे संस्थानों को नष्ट किया। जब अंग्रेज आये तो उन्होंने भारत की शिक्षा को ही प्रतिबंधित कर दिया। देखते ही देखते भारत निरक्षर देश में बदल गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईआईटी लखनऊ के निेदेशक प्रो. अरूण मोहन शेरी ने कहा कि महामना शिक्षण संस्थान समाज को बदलने और समाज को दिशा देने का काम कर रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में तनाव व आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में थोड़ा बदलाव की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दुर्ग सिंह चौहान ने कहा कि शिष्टाचार की जननी माँ होती है। माता—पिता से ही बेटा सीखता है। उन्होंने कहा कि देश की समस्याओं का समाधान शिक्षा में ही है। पौराणिक संस्कारों से ही भारत खड़ा होगा। डॉ. अणिमा जामवाल ने बताया कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय और भाऊराव देवरस इन दो महापुरूषों की प्रेरणा से महामना मालवीय शिक्षण संस्थान चल रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन,लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.जेपी सैनी,प्रान्त प्रचारक कौशल,पूर्व क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण,क्षेत्र के गौरक्षा गतिविधि के संयोजक सामाजिक सदभाव के प्रान्त प्रमुख राजेन्द्र,विभाग प्रचारक अनिल,कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो.एमएलबी भट्ट,डा.नवीन जामवाल व डा.संतोष शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन