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नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव खोसला और तीन दूसरे वकीलों का बतौर वकील लाइसेंस निलंबित करने के दिल्ली बार काउंसिल के आदेश पर रोक लगा दिया है। इन वकीलों पर आरोप है कि उन्होंने जस्टिस तलवंत सिंह के साथ दुर्व्यवहार किया था। जस्टिस अमित बंसल की कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में करने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने खोसला और दूसरे वकीलों को दिल्ली हाईकोर्ट के परिसर का इस्तेमाल करने पर लगी रोक को भी निरस्त करने का आदेश दिया। याचिका राजीव खोसला, आरती त्यागी, अंजु दीक्षित और शाहीन मंसूरी ने दायर किया है। याचिका में दिल्ली बार काउंसिल की ओर से इन वकीलों को बतौर वकील लाइसेंस निलंबित करने के आदेश को चुनौती दी गई है।
इन सभी वकीलों पर आरोप है कि उन्होंने 25 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट के एस ब्लॉक में चल रही दिल्ली बार काउंसिल की मतगणना के दौरान जस्टिस तलवंत सिंह और चुनाव समिति के दूसरे सदस्यों और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया। इन पर आरोप है कि उन्होंने जस्टिस तलवंत सिंह और दूसरे सदस्यों के साथ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और गालियां दी। इस घटना के बाद जस्टिस तलवंत सिंह और चुनाव समिति के दूसरे सदस्यों ने दिल्ली बार काउंसिल से शिकायत की कि उन्हें धमकी दी जा रही है और बेइज्जत किया जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में वे चुनाव समिति का काम नहीं कर सकते हैं।
चुनाव समिति के सदस्यों की शिकायत के बाद दिल्ली बार काउंसिल ने इन वकीलों का बतौर वकील लाइसेंस निलंबित करने का फैसला किया। इसके साथ ही दिल्ली बार काउंसिल ने इन वकीलों को दिल्ली हाईकोर्ट के परिसर का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दिया। दिल्ली बार काउंसिल के इसी फैसले को इन वकीलों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी