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जयपुर, 03 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार डिजिटल गवर्नेंस और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में विकसित ‘राज-काज’ प्लेटफॉर्म राज्य सरकार की एकीकृत डिजिटल प्रशासनिक प्रणाली के रूप में तेजी से उभरकर सामने आया है। इस प्लेटफॉर्म ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गति, पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई मजबूती प्रदान की है।
राज-काज प्रणाली की नियमित ऑनलाइन समीक्षा और मॉनिटरिंग मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा की जा रही है। विशेष रूप से फाइल निस्तारण के औसत समय जैसे प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की निगरानी से विभागों में समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन को बढ़ावा मिला है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म सचिवालय से लेकर जिला, उपखंड और ब्लॉक स्तर तक सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को सफलतापूर्वक लागू कर रहा है।
राज-काज प्लेटफॉर्म के तहत वर्तमान में राज्य के 71 प्रशासनिक विभागों और 57 हजार से अधिक कार्यालयों को एकीकृत डिजिटल मंच से जोड़ा जा चुका है। इससे विभागीय समन्वय, निर्णय प्रक्रिया और फाइल प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
राज्य सरकार के अनुसार अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 50 लाख से अधिक ई-फाइलों का सृजन किया जा चुका है। केवल अप्रैल और मई 2026 के दौरान ही 9.22 लाख ई-फाइलों का निस्तारण हुआ, जबकि 51.51 लाख से अधिक फाइल मूवमेंट्स दर्ज किए गए।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रणाली का उपयोग तेजी से बढ़ा है और मैन्युअल कार्यप्रणाली पर निर्भरता कम हुई है।
सचिवालय स्तर पर अप्रैल और मई के दौरान लगभग 10 हजार ई-फाइलों का सृजन किया गया। इन फाइलों के संबंध में 4,447 कार्मिकों द्वारा 5.4 लाख से अधिक फाइल मूवमेंट्स दर्ज किए गए। इसे सचिवालय में डिजिटल कार्य संस्कृति के मजबूत होने का संकेत माना जा रहा है। राज-काज के जरिए पत्राचार और डाक प्रबंधन प्रणाली में भी बड़ा बदलाव आया है।
अप्रैल और मई 2026 के दौरान राज्य स्तर पर 2.35 लाख पत्र प्राप्त किए गए और 4.70 लाख ई-डाक का प्रेषण किया गया।
इसी अवधि में सचिवालय स्तर पर 55.8 हजार पत्र प्राप्त हुए तथा 47.2 हजार ई-डाक भेजी गई। इससे कार्यालयों के बीच संचार अधिक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी हुआ है। राज-काज 2.0 के तहत कार्यालय प्रबंधन, कार्मिक प्रबंधन, सेवा नियम, पदनाम प्रबंधन और अचल संपत्ति विवरण (आईपीआर) जैसे महत्वपूर्ण मॉड्यूल लागू किए गए हैं।
जनवरी 2026 में 8 लाख 444 कार्मिकों ने अपने अचल संपत्ति विवरण ऑनलाइन प्रस्तुत किए। वहीं एपीएआर मॉड्यूल के तहत अप्रैल और मई 2026 के दौरान 3 लाख से अधिक कार्मिकों ने वार्षिक मूल्यांकन प्रतिवेदन ऑनलाइन जमा किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित