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धमतरी, 03 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज जिला इकाई के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। चेंबर ने प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था को निरस्त करने, शहर के बीच भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने एवं जिले में वाहन फिटनेस परीक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की।
इस दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में व्यापारी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा भी हुई।
प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश रोहरा एवं जिलाध्यक्ष कैलाश कुकरेजा ने प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यापारी पहले से ही बढ़ती लागत, आनलाइन प्रतिस्पर्धा, करों के बोझ और आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में नई लाइसेंस व्यवस्था व्यापार को और अधिक जटिल बना देगी और छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालेगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, खाद्य एवं औषधि लाइसेंस सहित अनेक वैधानिक व्यवस्थाएं पहले से लागू हैं। ऐसे में एक और लाइसेंस व्यवस्था लागू होना दोहराव की स्थिति उत्पन्न कर रहा है जिससे व्यापार सुगमता प्रभावित होगी और नए उद्यमियों के लिए व्यापार शुरू करना कठिन हो सकता है।
धमतरी चेंबर आफ कामर्स ने शहर के भीतर भारी वाहनों के लगातार आवागमन पर नाराजगी जताई है। व्यापारियों ने कहा कि श्यामतराई से रुद्री रोड, रत्नाबांधा से मकई चौक होते हुए भारी वाहन शहर के अंदर से गुजर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और आम लोगों में डर का माहौल बन रहा है। चेंबर ने पूर्व व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग की है, जिसके तहत हाईवा वाहनों को रात 10 बजे के बाद अर्जुनी चौक से सिहावा मार्ग होकर बायपास से निकाला जाता था। चेंबर ने जिला प्रशासन से शहर के भीतर भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध, बायपास उपयोग अनिवार्य करने, नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई और व्यवस्था की स्थायी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
कलेक्टर मिश्रा से चर्चा के दौरान चेंबर के पदाधिकारियों ने वाहन फिटनेस परीक्षण व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने रखी। वर्तमान में सीमित फिटनेस केंद्र होने के कारण वाहन मालिकों को रायपुर, दुर्ग जैसे दूरस्थ शहरों तक जाना पड़ता है। जिससे समय, धन और ईंधन की काफी बर्बादी हो रही है। उन्होंने मांग की कि जिले में आरटीओ कार्यालय के साथ वाहन फिटनेस परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाएं ताकि प्रक्रिया सरल, सुलभ और विकेंद्रीकृत हो सके। इससे आम नागरिकों को राहत मिलने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण और ईंधन बचत जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी। इस दौरान आलोक पांडेय, मितेश जैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा