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जयपुर, 03 जून (हि.स.)। राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में रीको ने बड़ी पहल की है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए रीको और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) संयुक्त रूप से 38 सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण करेंगे।
यह कार्य कोस्ट शेयरिंग मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसमें कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा रीको और शेष 50 प्रतिशत पीडब्ल्यूडी वहन करेगा।
रीको द्वारा राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की एप्रोच सड़कों की पहचान की गई है, जो वर्तमान में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 205 किलोमीटर है और इनके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण पर लगभग 290.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस परियोजना से आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के अनुसार इन सड़कों के विकसित होने से उद्योगों तक कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा होगी। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 6 मई 2026 को 205 किलोमीटर लंबी 38 सड़कों के निर्माण के लिए 290.82 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। रीको निदेशक मंडल की 17 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी।
इसके बाद रीको ने अपनी कुल सहभागिता राशि 145.41 करोड़ रुपये में से 72.70 करोड़ रुपये की पहली किश्त पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दी है। अब पीडब्ल्यूडी द्वारा निविदाएं जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
सड़क निर्माण के साथ-साथ रीको ने औद्योगिक क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाया है। राज्य के 24 रीको औद्योगिक क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से कार्य करवाए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर लगभग 143 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसकी राशि रीको द्वारा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।
रीको का कहना है कि राज्य में उद्योगों को बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, पेयजल और अन्य सुविधाओं को मजबूत कर निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित