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जगदलपुर, 03 जून (हि.स.)। बस्तर जिला मुख्यालय के केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी दरभा विकासखंड क्षेत्र के ग्राम चितापुर निवासी रयमती बघेल ने अपनी चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने जेल प्रशासन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा हे कि रयमती बघेल पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से काफी परेशान थी, उसके तीन छोटे बच्चे हैं। जेल में बंद रहने के दौरान उसका पति और अन्य परिजन उससे मिलने भी नहीं आ रहे थे। परिजनों से दूरी और बच्चों की चिंता के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव और अकेलेपन के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा।
मिली जानकारी के अनुसार रयमती बघेल करीब दो महीने पहले अपने ही चाचा की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल भेजी गई थी। बताया जा रहा है कि मृतका का चाचा लंबे समय से उसके साथ छेड़छाड़ करता था। लगातार प्रताड़ना और मानसिक तनाव से परेशान होकर उसने आवेश में आकर अपने चाचा की हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
जगदलपुर कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठाैर ने आज बुधवार काे बताया कि मृतका महिला बंदी रयमती के परिजन उससे मिलने भी नहीं आ रहे थे। परिजनों से दूरी और बच्चों की चिंता के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में हाेने की जानकारी मिली है। उन्हाेने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जेल प्रशासन से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे