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नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार ने सड़क संपर्क, तटीय संपर्क और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और बिहार में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। लगभग 24 हजार करोड़ की इन परियोजनाओं से यातायात सुगम होगा और औद्योगिक तथा पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में इन फैसलों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में एनएच-347बी के हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड में मौजूदा मध्यवर्ती लेन को पक्के शोल्डर मानक के साथ दो लेन में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा देशगांव-जुलवानिया खंड में मौजूदा दो लेन मार्ग को चार लेन तक चौड़ा किया जाएगा। 233.653 किमी की इस परियोजना पर 4415.60 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के तहत खरगोन तक 16.20 किमी का ग्रीनफिल्ड बायपास भी निर्मित किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक 163.18 किलोमीटर लंबी नई तटीय राजमार्ग परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत 8,300.79 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके निर्माण से तटीय क्षेत्रों में संपर्क बेहतर होगा तथा बंदरगाह आधारित आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस परियोजना से 9 आर्थिक और 5 रसद केंद्रों को जोड़ेगा। इससे रामेश्वरम और पारादीप के बीच यात्रा समय में ढाई घंटे की कमी आएगी।
तेलंगाना में एनएच-63 के आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड तथा एनएच-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड को चार लेन मानक तक विकसित किया जाएगा। 190.76 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 7,597.16 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में यातायात क्षमता बढ़ेगी तथा माल परिवहन अधिक सुगम होगा। परियोजना से आर्मूर से मंचेरियल के बीच यात्रा समय में डेढ घंटा और जगतियाल से करीमनगर के बीच लगभग 45 मिनट की कमी आएगी।
इसके अलावा बिहार में एनएच-31 और एनएच-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड को टोल आधारित बीओटी मॉडल पर चार लेन मानक में अपग्रेड करने को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,936.05 करोड़ रुपये है। इससे उत्तर-पूर्वी बिहार में सड़क संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। परियोजना के तहत पूर्णिया शहर तक ग्रीनफिल्ड बायपास निर्मित किया जाएगा। इससे 5 आर्थिक और 11 रसद केंद्र आपस में जुड़ेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा