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चतरा, 25 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अधिगृहीत भूमि पर अब किसान खेती-बाड़ी नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में विभाग की ओर से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से प्रभावित गांवों में सूचना प्रसारित कर आम लोगों को जागरूक किया गया।
प्रस्तावित सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे चतरा जिले के हंटरगंज, चतरा सदर, पत्थलगड़ा और सिमरिया प्रखंड के कई गांवों से होकर गुजरेगी। पत्थलगड़ा प्रखंड के मारंगा, नावाडीह, बाजोबार और बोगासाड़म गांव भी परियोजना से प्रभावित हैं। इसके लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है और प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान भी कर दिया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अधिगृहीत भूमि अब सरकारी संपत्ति है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति उक्त भूमि पर खेती बाड़ी करता है। मिट्टी का उठाव करता है या किसी प्रकार का अतिक्रमण करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से परियोजना कार्य में सहयोग करने और अधिगृहीत भूमि का किसी भी प्रकार से उपयोग नहीं करने की अपील की है।
हालांकि खरीफ फसलों की बुवाई के ठीक पहले विभाग की ओर से जारी इस निर्देश से प्रभावित किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में भूमि खाली रहने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी