लोकतंत्र में पद सेवा का माध्यम, विशेषाधिकार का नहीं : उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों और सार्वजनिक पदों पर आसीन लोगों के बीच विश्वासपूर्ण संबंध में निहित है तथा सार्वजनिक पद को विशेषाधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप

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