Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

चेन्नई, 02 जून (हि.स.)। तमिलनाडु सरकार ने जरूरतमंद और असहाय लोगों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ‘थायुमानवर’ योजना के तहत चेन्नई के 18 क्षेत्रों में दो दिवसीय विशेष राशन वितरण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत मंगलवार और बुधवार को पात्र लाभार्थियों के घरों तक राशन सामग्री पहुंचाई जाएगी।
यह योजना विशेष रूप से उन बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए संचालित की जा रही है, जो शारीरिक असमर्थता या अन्य कारणों से राशन दुकानों तक नहीं पहुंच पाते हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों को घर बैठे आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘थायुमानवर’ योजना की शुरुआत पूर्व की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सरकार के कार्यकाल में की गई थी। उस समय मुख्यमंत्री रहे एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल को आम जनता से व्यापक समर्थन मिला था। इसकी लोकप्रियता और उपयोगिता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे आगे भी जारी रखा है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 2 और 3 जून को चेन्नई महानगर के चयनित इलाकों में राशन सामग्री सीधे लाभार्थियों के घरों तक पहुंचाई जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल शारीरिक असमर्थता के कारण अपने अधिकार से वंचित न रहे।
इस विशेष अभियान के तहत चेन्नई के अन्ना नगर, अलंदूर, पेरुंगुडी, शोलिंगनल्लूर, तेयनामपेट, अडयार, तिरुवोत्तियूर, मनाली, माधवरम, थंडैयारपेट, रॉयापुरम, तिरु वी का नगर, अंबत्तूर, कोडंबक्कम, वलासरवक्कम, पल्लावरम, क्रोमपेट और तांबरम क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
इन क्षेत्रों में सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित लगभग 990 उचित मूल्य दुकानों के कर्मचारी और विक्रेता लाभार्थियों के घरों तक जाकर राशन सामग्री वितरित करेंगे। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और वितरण प्रक्रिया की निगरानी भी की जा रही है।
योजना के अंतर्गत पात्र परिवार कार्डधारकों को चावल, चीनी, दाल, गेहूं तथा अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लाभार्थियों को राशन दुकानों तक जाने और लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी।
सामान्यतः राशन कार्डधारकों को उचित मूल्य की दुकानों पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद खाद्यान्न प्राप्त करना पड़ता है। हालांकि, बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए यह प्रक्रिया कई बार कठिन साबित होती है। ऐसे में ‘थायुमानवर’ योजना उनके लिए बड़ी राहत के रूप में सामने आई है।
योजना के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसकी सराहना की है। कई लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस योजना का विस्तार कर इसे तमिलनाडु के अन्य जिलों में भी लागू किया जाए, ताकि राज्य के अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।
जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की पहलें सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक मानवीय, प्रभावी और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि योजना का दायरा बढ़ाया जाता है, तो यह लाखों बुजुर्गों, दिव्यांगों और असहाय नागरिकों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकती है।---------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV