भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदू जीवन दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता : गुणवंत कोठारी
धर्म पूजा पद्धति नहीं, बल्कि ऐसा आचरण है जिससे किसी को पीड़ा न पहुंचे, ऋषियों द्वारा विकसित जीवन पद्धति ही हिंदू दर्शन
प्रयागराज, 14 जून (हि.स.)। त्रिकालदर्शी ऋषियों ने गहन चिंतन और मनन के बाद जिस जीवन पद्धति का विकास किया, वही हिंदू जीवन दर्शन है
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