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राजगढ़, 8 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के मलावर थाना क्षेत्र के ग्राम अरन्या और सागपुर के बीच जंगल में आठ दिन से लापता 21 वर्षीय गोलू पुत्र रामप्रसाद वाल्मीकि का कंकाल रूपी शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजन द्वारा दर्ज कराई गई गुमशुदगी के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। बरामद कंकाल को शुक्रवार को पोस्टमार्टम और डीएनए परीक्षण के लिए भोपाल भेजा गया है।
थानाप्रभारी रजनेष सिरोठिया ने बताया कि मामले में मृतक के चाचा राजू से गांव के रघुवीर सौंधिया ने घटना वाले दिन 29 अप्रैल को बकरियां चराने जाने की जानकारी पूछी थी, जिस पर पुलिस को उस पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान रघुवीर पहले पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में वह गांव के ही एक व्यक्ति की बाइक लेकर सागर भाग गया। पुलिस ने उसके मोबाइल की सीडीआर खंगाली तो घटना वाले दिन मृतक और आरोपित के मोबाइल की लोकेशन लक्ष्मी मार्ग ब्यावरा टावर क्षेत्र में एक जैसी पाई गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने सागर में दबिश देकर रघुवीर को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने गोलू की हत्या करना कबूल कर लिया। आरोपित की निशानदेही पर बीती षाम ग्राम अरन्या-सागपुर के बीच जंगल में एक नाले से घास के नीचे दबा कंकाल रुपी शव बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने मानता (धार्मिक मन्नत) के लिए मृतक से पहले बकरा मांगा था। मना करने पर उसने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को नाले में छिपा दिया। वारदात के बाद उसने मृतक के कान से सोने की 5 ग्राम वजनी मुरकी निकालकर एक निजी बैंक में गिरवी रखकर 51 हजार रुपए का गोल्ड लोन ले लिया। बताया गया है कि आरोपित की शादी हाल ही में 20 अप्रैल को हुई थी, जिससे उस पर दो से तीन लाख रुपए का कर्ज था। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक