Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

- तकनीकी क्षेत्र में महिलाएं बना रहीं नई पहचान
भोपाल, 04 मई (हि.स.) । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नारी सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है। प्रदेश की महिलाएं नीति-निर्माण से लेकर तकनीकी नवाचार तक प्रभावी भूमिका निभा रही हैं। डिजिटल नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक उद्यमिता के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी विकास प्रक्रिया को नया आयाम दे रही है।
इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से निकलकर महिलाएं तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। वे प्रदेश की क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर प्रदेश की विकास यात्रा में तकनीकी परिवर्तन की अग्रदूत बनकर उभर रही है, जिससे आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित प्रदेश के निर्माण को सशक्त आधार मिल रहा है।
आरती अग्रवाल: डिजिटल समावेशन की अग्रदूत
एनेक्स डिजिटल रनर्स प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक और सीओओ आरती अग्रवाल ने ग्रामीण भारत में डिजिटल खाई को पाटने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में 40 हजार से अधिक डिजिटल रनर्स का नेटवर्क 11 हजार से अधिक पिनकोड क्षेत्रों में सक्रिय है, जो सर्वेक्षण, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और जलवायु से जुड़ी पहलों को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित कर रहे हैं। साथ ही, द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) वूमेन चैप्टर की सह-अध्यक्ष के रूप में वे महिला उद्यमियों को मार्गदर्शन देकर उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ा रही हैं। इसका लाभ टियर-2 और टियर-3 शहरों की महिलाओं को भी मिल रहा है।
अदिति चौरसिया: छोटे शहर से वैश्विक टेक नेतृत्व तक
गढ़ी मलहरा से आने वाली अदिति चौरसिया ने इंजीनियर्सबाबू और सुपरसोर्सिंग जैसी कंपनियों के माध्यम से तकनीकी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आज उनकी कंपनियाँ 250 से अधिक पेशेवरों को रोजगार दे रही हैं और बोश और ओरेकल जैसी वैश्विक कंपनियों को सेवाएँ दे रही हैं। उन्होंने 5 हजार से अधिक इंजीनियर्स को रोजगार दिलाने और 400 से अधिक टेक उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बिंदु पाटीदार: एआई नवाचार में वैश्विक पहचान
सोर्सबे की सह-संस्थापक और सीटीओ बिंदु पाटीदार ने इंदौर से एक वैश्विक एआई टैलेंट प्लेटफॉर्म का विकास किया। यह प्लेटफॉर्म 3 लाख से अधिक विशेषज्ञों और 700 से अधिक क्लाइंट्स, के लिए एआई से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और मेटा जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। उनकी सफलता से सिद्ध हुआ है कि टियर-2 शहरों से भी वैश्विक स्तर के नवाचार संभव हैं।
प्रेरिता बाहेती साबू: रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व की मिसाल
क्लिनिसप्लाईज की निदेशक प्रेरिता बाहेती साबू ने वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक प्रबंधन के माध्यम से हेल्थकेयर सप्लाई चेन के क्षेत्र में मजबूत और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल विकसित किया है। उनकी विशेषज्ञता ने संगठन को चुनौतियों के बीच भी स्थिरता और विकास बनाए रखने में मदद की है। उनका दृष्टिकोण मध्यप्रदेश में ईज़-ऑफ-डूइंग-बिजिनेस को भी रेखांकित करता है।
सपना भम्बानी: वैश्विक संचालन में नेतृत्व की मिसाल
टास्कअस में कंट्री लीडर और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में सपना भम्बानी भारत में बड़े पैमाने पर वैश्विक व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। उनका नेतृत्व ‘5 पी’ (पीपुल्स, परपज, प्राइड पैशन और परफमिंस पर आधारित है। इससे अच्छे प्रदर्शन के साथ संगठन में सकारात्मक कार्य संस्कृति का निर्माण हुआ है।
समावेशी और नवाचार-आधारित भविष्य की ओर मध्यप्रदेश
इन सभी प्रेरक कहानियों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में महिलाएं हर प्रकार की चुनौतियों को पार कर बड़े पैमाने पर परिवर्तन ला रही हैं। नीति, अवसर और व्यक्तिगत संकल्प के इस संगम से प्रदेश अधिक समावेशी, नवाचारी और भविष्योन्मुख बन कर विकसित हो रहा है। यहां महिलाएँ नेतृत्व, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से एक सशक्त और आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण कर रही हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत