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नालंदा, 17 मई (हि.स.)। लंबित मांगों और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर रविवार को बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, नालंदा के बैनर तले नियमित एवं संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया और सिविल सर्जन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के सचिव, बिहार सरकार को मांग पत्र भी सौंपा।धरना-प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की।धरना की अध्यक्षता कर रहे संघ के उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफल बनाने में स्वास्थ्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कर्मचारियों के अथक प्रयासों के कारण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ है और कई क्षेत्रों में राष्ट्रीय मानकों के करीब पहुंचा जा सका है। इसके बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिला मंत्री संजय कुमार ने कहा कि संघ की प्रमुख मांगों में सभी संवर्ग के कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति का लाभ देना शामिल है। उन्होंने कहा कि एएनएम सहित राज्य संवर्ग के कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, सेवा संपुष्टि तथा एमएसीपी का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि सिविल सर्जन, अधीक्षक और प्राचार्य स्तर पर इन आदेशों को लागू करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य समिति के कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली बनाकर सेवा समायोजन किया जाए। साथ ही अरबन एएनएम को निर्धारित सभी अवकाश का लाभ दिया जाए और संविदा कर्मियों की सेवा नियमित की जाए। आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक पारिश्रमिक 26 हजार रुपये प्रतिमाह देने की भी मांग की गई।सहायक जिला मंत्री मीना कुमारी और संयुक्त मंत्री नीलम कुमारी ने कहा कि महिला स्वास्थ्यकर्मियों की पदोन्नति वर्षों से लंबित रखना सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मियों को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
हिलसा अनुमंडल मंत्री रंजीत रंजन और बिहारशरीफ अनुमंडल मंत्री अरुण कुमार ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यकर्ताओं और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की पदोन्नति लंबे समय से लंबित है, जिससे कर्मचारियों में निराशा का माहौल है।संघ के संघर्ष मंत्री रितेश कुमार और संघर्ष उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्यकर्मियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए जल्द वार्ता नहीं की गई, तो आगामी 1 जून 2026 को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष राज्यस्तरीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में पूरे बिहार से हजारों स्वास्थ्यकर्मी शामिल होंगे।
धरना-प्रदर्शन को अरविंद कुमार, मनीष कुमार, कुमार अमित, वीरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार, मो. शाकिब, अनुपमा कुमारी, बेबी कुमारी, अर्चना कुमारी, सुनीता सिन्हा, कुसुम कुमारी, गौरव कुमार, राजीव कुमार, अनंत कुमार, आदित्य कुमार समेत कई स्वास्थ्यकर्मियों ने संबोधित किया और सरकार से जल्द मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे