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नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। पटियाला हाउस कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले के आरोपित और सांसद इंजीनियर रशीद की अपने बीमार पिता को देखने के लिए अंतरिम जमानत की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है। एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने याचिका खारिज करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने 22 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इंजीनियर रशीद ने याचिका दायर कर कहा था कि उनके पिता बीमार हैं और वो वेंटिलेटर पर हैं। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वकील ने कहा था कि उन्हें कस्टडी पेरोल पर रिहा किया जा सकता है। इससे पहले कोर्ट ने इंजीनियर रशीद को हिरासत में संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने इंजीनियर रशीद को 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक संसद के पूरे सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। नवंबर, 2025 में भी कोर्ट ने रशीद को संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। इंजीनियर रशीद को सितंबर 2025 में हुए उप-राष्ट्रपति के चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी थी।
इंजीनियर रशीद ने लोकसभा चुनाव 2024 में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को करीब एक लाख मतों से हराकर जीत हासिल की थी। राशिद इंजीनियर को 2016 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च, 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासिन मलिक, शब्बीर शाह और मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताब अहमद शाह, अवतार अहम शाह, नईम खान, बशीर अहमद बट्ट ऊर्फ पीर सैफुल्ला समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
एनआईए के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, जेकेएलएफ, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले और हिंसा को अंजाम दिया। 1993 में अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की स्थापना की गई।
एनआईए के मुताबिक हाफिज सईद ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं के साथ मिलकर हवाला और दूसरे चैनलों के जरिये आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन का लेन-देन किया। इस धन का उपयोग वे घाटी में अशांति फैलाने , सुरक्षा बलों पर हमला करने, स्कूलों को जलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का काम किया। इसकी सूचना गृह मंत्रालय को मिलने के बाद एनआईए ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 121, 121ए और यूएपीए की धारा 13, 16, 17, 18, 20, 38, 39 और 40 के तहत केस दर्ज किया था।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी