भीषण गर्मी और लू के चलते ओडिशा में 27 अप्रैल से समय पूर्व ग्रीष्मावकाश, सभी विद्यालय रहेंगे बंद
भुवनेश्वर, 24 अप्रैल (हि.स.)। ओडिशा में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों में समय से पहले ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए
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भुवनेश्वर, 24 अप्रैल (हि.स.)। ओडिशा में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों में समय से पहले ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 27 अप्रैल से राज्य के सभी सरकारी, अनुदान प्राप्त (एडेड) और निजी विद्यालय बंद रहेंगे।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए यह निर्देश जारी किया। सरकार का कहना है कि राज्य में पिछले कई दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई जिलों में लू (हीट वेव) जैसी गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिससे स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

विशेष रूप से दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा अधिक हो गया था। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया कि ग्रीष्मावकाश निर्धारित समय से पहले शुरू किया जाए, ताकि छात्रों को गर्मी से राहत मिल सके और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से बचा जा सके।

हालांकि, राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से निर्धारित परीक्षाएं, जनगणना से जुड़े कार्य तथा अन्य प्रशासनिक गतिविधियां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेंगी। यानी जिन स्कूलों में परीक्षा कार्यक्रम तय हैं, वहां आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।

सरकार के इस फैसले का अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में बच्चों का स्कूल जाना चिंता का विषय बन गया था और सरकार का यह निर्णय राहत देने वाला है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी तापमान में और वृद्धि की संभावना है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से समय रहते उठाया गया यह कदम छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और विशेष रूप से बच्चों तथा बुजुर्गों का ध्यान रखें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो