व्हाट्सऐप पर दिए गए थे अभिषेक और रुजिरा की गाड़ी चेक करने के निर्देश, तृणमूल ने चुनाव आयोग से की शिकायत
कोलकाता, 15 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से उसके नेताओं और उनके परिवारों के वाहनों की
लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी और पत्नी रुजिरा नारूला बनर्जी


कोलकाता, 15 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से उसके नेताओं और उनके परिवारों के वाहनों की तलाशी लेने के निर्देश जारी किए गए।

तृणमूल कांग्रेस ने आयोग को सौंपे अपने लिखित शिकायत पत्र में दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छोड़कर पार्टी के अन्य सभी नेताओं की गाड़ियों की जांच करने को कहा गया। पार्टी के अनुसार, इस कथित निर्देश में लाेकसभा सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा नारूला बनर्जी के वाहनों की तलाशी का भी उल्लेख किया गया है।

मंगलवार को तृणमूल ने कथित व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी सार्वजनिक किए। पार्टी का कहना है कि आयोग को संदेह है कि अभिषेक बनर्जी की पत्नी के माध्यम से धन के लेन-देन की संभावना हो सकती है, इसी आधार पर यह निर्देश जारी किए गए।

जारी स्क्रीनशॉट के अनुसार, कथित तौर पर आयोग ने पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि वे पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर ‘सरप्राइज जांच’ करें और दिनभर विभिन्न चेकपॉइंट्स पर तृणमूल नेताओं के वाहनों की तलाशी लें। साथ ही इन जांच अभियानों की निगरानी कंट्रोल रूम से करने की बात भी कही गई है।

तृणमूल का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के निर्देश देकर उसके नेताओं, मंत्रियों और उनके परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि उसके जनसंपर्क और प्रचार कार्यक्रमों को बाधित करने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, पार्टी द्वारा जारी स्क्रीनशॉट को लेकर कुछ सवाल भी उठे हैं। स्क्रीनशॉट में अभिषेक नाम दो अलग-अलग अंग्रेजी वर्तनी में लिखा हुआ है और किसी पद या पहचान का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। यहां तक कि उनकी पत्नी का नाम भी स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, जिससे इसकी प्रामाणिकता पर संदेह की गुंजाइश बनी हुई है।

तृणमूल ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आयोग ने कुछ जिलों में मेडिकल कैंप और रक्तदान शिविरों की आड़ में कथित रूप से धन वितरण की आशंका जताई है। इसी आधार पर नदिया, बशीरहाट, बनगांव, कैनिंग, तेहट्ट, रानाघाट, काकद्वीप, मगरहाट-2, डायमंड हार्बर-1 और 2, फलता तथा लालबाग जैसे क्षेत्रों में आयोजित शिविरों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि, चुनाव की घोषणा के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर