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हरिद्वार, 15 अप्रैल (हि.स.)। उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद ने जनगणना 2027 के कार्यों में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध करते हुए उन्हें इस कार्य से मुक्त रखने की मांग की है। इस संबंध में परिषद के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की अपील की।
परिषद का कहना है कि वर्तमान समय में विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ऐसे में यदि प्रधानाचार्यों को जनगणना जैसे प्रशासनिक कार्यों में लगाया जाता है, तो इसका सीधा असर विद्यालयों के संचालन और पठन-पाठन व्यवस्था पर पड़ेगा।
परिषद ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि प्रधानाचार्य पहले से ही विद्यालय प्रबंधन, प्रशासनिक कार्यों और शैक्षणिक जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी देने से उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होगी और स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बाधित हो सकती है।
परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इससे अलग रखा जा सके और बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
ज्ञापन पर परिषद के संरक्षक डॉ. घनश्याम गुप्ता, अध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा और मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। परिषद ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर उचित निर्णय लेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला