त्रिपुरा में बंगाली नववर्ष से पहले सब्सिडी दरों पर मछली बिक्री से आम लोगों को राहत
अगरतला, 14 अप्रैल (हि.स.)। त्योहारों के दौरान बढ़ती महंगाई से आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से त्रिपुरा सरकार द्वारा बंगाली नववर्ष (पोइला बोइशाख) से पहले राज्यभर में सब्सिडी दरों पर मछली बेचने की पहल से लोगों को राहत मिली है। राज्य के मत्स्य
त्रिपुरा का मछली बाजार।


अगरतला, 14 अप्रैल (हि.स.)। त्योहारों के दौरान बढ़ती महंगाई से आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से त्रिपुरा सरकार द्वारा बंगाली नववर्ष (पोइला बोइशाख) से पहले राज्यभर में सब्सिडी दरों पर मछली बेचने की पहल से लोगों को राहत मिली है।

राज्य के मत्स्य मंत्री सुधांशु दास ने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर बिक्री केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे मछली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी पर भी नियंत्रण रहेगा। इस कदम से सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि मछली की आपूर्ति विभागीय फार्मों और सहकारी समितियों के माध्यम से की जा रही है, जिससे स्थानीय मछुआरों और उत्पादकों को भी समर्थन मिल रहा है। रोहू, कतला, कॉमन कार्प, मृगल और सिल्वर कार्प जैसी लोकप्रिय किस्मों की मछलियां लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके अलावा, बंगाली पर्वों में विशेष महत्व रखने वाली हिलसा मछली को भी रियायती दरों पर अगरतला के महाराजगंज बाजार स्थित त्रिपुरा एपेक्स फिशरीज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के माध्यम से बेचा जा रहा है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए यह आसानी से उपलब्ध हो रही है।

मंत्री ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल त्योहार के दौरान लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है, बल्कि बाजार में कीमतों को स्थिर बनाए रखना और मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाना भी है। इससे सभी वर्गों के लोग बिना आर्थिक दबाव के त्योहार मना सकेंगे।

राज्यभर में विभिन्न केंद्रों पर 15 अप्रैल से सब्सिडी दरों पर मछली की बिक्री शुरू हुई, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही स्थानीय मत्स्य क्षेत्र को भी मजबूती मिल रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश