मंत्री सूद ने ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ के तहत जन जागरुकता अभियान का किया शुभारंभ
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने आज ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ के अवसर पर राजधानी के विद्यालयों एवं अस्पतालों में सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए जन-जागरूकता अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अभियान का आयोजन शिक्षा औ
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद  (फाइल फोटो)


नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने आज ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ के अवसर पर राजधानी के विद्यालयों एवं अस्पतालों में सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए जन-जागरूकता अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अभियान का आयोजन शिक्षा और अग्नि शमन सेवा विभाग कर रहा है। सूद ने ‘सुरक्षित विद्यालय’ अभियान की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुदृढ़ किया जाएगा।

मंत्री सूद ने सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का धन्यवाद करते हुए अग्निशमन सेवा सप्ताह की बधाई दी। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मनाया जाने वाला यह सप्ताह देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। सूद ने वर्ष 1944 में मुंबई के फोर्ट स्टिकिंग जहाज में लगी भीषण आग के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले 66 वीर फायरमैन को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने इस वर्ष की थीम— सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल और अग्निसुरक्षा के प्रति जागरूक समाज – अग्नि सुरक्षा के लिए एकजुट प्रयास का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना समाज की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सूद ने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस का मूल मंत्र सेवा ही बचाव है और पिछले एक वर्ष में विभाग द्वारा 36,877 आपातकालीन कॉल्स सफलतापूर्वक अटेंड की गई है। विभाग निरंतर अपनी तकनीक और प्रशिक्षण को सुदृढ़ कर राजधानी को सुरक्षित बनाने के लिए कार्यरत है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग आग से डरे नहीं बल्कि इससे जूझने के लिए अपने मन और अपने आप को तैयार और जागरूक रखें। फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का पालन करना और विद्यालय में समय समय पर आयोजित मॉक ड्रिल्स एवं डेमोंस्ट्रेशन में सक्रिय भागीदारी करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रशिक्षण आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा में सहायक होता है। और आग से बचाव करने में हमारी सहायता भी करता है।

सूद ने यह भी जानकारी दी कि आग से बचाव के लिए दिल्ली फायर सर्विस द्वारा अब तक 1000 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 50,000 से अधिक नागरिकों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने सभी से अपने परिवार एवं समाज में फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता फैलाने तथा फायर सेफ्टी एंबेसडर बनने का आह्वान भी किया।

सूद ने यह भी कहा कि सुरक्षा केवल सरकार या फायर विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी सावधानियां, जैसे आपातकालीन मार्गों को खाली रखना, बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, आग लगने पर लिफ्ट का प्रयोग ना करें, आग लगने पर तुरंत 101 या 112 पर सूचना दें। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन अग्नि सुरक्षा उपकरणों को चलाने के लिए अपने सभी कर्मचारियों को व्यापक और आधुनिक तरीके से प्रशिक्षण दें। यह सब सावधानिया आग जैसे बड़े हादसों को रोकने में काफी हद तक सहायक हो सकती हैं।

इस अवसर पर गृह मंत्री ने उपस्थित लोगों से यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक रहेंगे और एक सुरक्षित विद्यालय एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।

सूद ने दिल्ली के सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वह सतर्कता एवं सुरक्षा नियमों का प्राथमिकता से पालन कर सुरक्षित रहें। “आपकी सतर्कता, सबकी सुरक्षा” के संदेश के साथ दिल्ली सरकार एक सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव